कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले यूपी के ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ और सुपर कॉप IPS अजय पाल शर्मा की चर्चा हर तरफ हो रही है। चुनाव आयोग द्वारा पुलिस ऑब्जर्वर बनाकर बंगाल भेजे गए अजय पाल शर्मा ने पद संभालते ही ऐसा एक्शन शुरू किया है कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) में खलबली मच गई है। उनके तेवरों ने बंगाल की सियासत में ‘सिंघम’ वाली एंट्री कर दी है, जिससे सत्ताधारी दल तिलमिला उठा है।
‘इलाज कर देंगे’ वाली चेतावनी का वीडियो वायरल
सोशल मीडिया पर आईपीएस अजय पाल शर्मा का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के घर के बाहर खड़े होकर सख्त लहजे में चेतावनी दे रहे हैं। वीडियो में उन्हें कहते सुना जा सकता है, “किसी ने बदमाशी की तो कायदे से इलाज किया जाएगा… बाद में रोना-पछताना मत।” इस वीडियो के सामने आने के बाद टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया है कि आईपीएस शर्मा बीजेपी के इशारे पर उनके उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को डरा-धमका रहे हैं।
अपराधियों के लिए काल हैं IPS अजय पाल शर्मा
उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा मूल रूप से पंजाब के रहने वाले हैं और वर्तमान में प्रयागराज में जॉइंट सीपी के पद पर तैनात हैं। उन्हें यूपी का ‘सुपर कॉप’ और ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ माना जाता है। उनके बारे में कहा जाता है कि जहां उनकी तैनाती होती है, वहां अपराधी खौफ के मारे अपनी जमानत रद्द करवाकर जेल की शरण ले लेते हैं। शामली, नोएडा, जौनपुर और रामपुर जैसे जिलों में अपनी पोस्टिंग के दौरान उन्होंने सैकड़ों एनकाउंटर किए और बड़े-बड़े माफियाओं की कमर तोड़ दी।
महुआ मोइत्रा और अखिलेश यादव का तीखा हमला
अजय पाल शर्मा की सख्ती पर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने तीखा तंज कसा है। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मेरा फेयर एंड लवली बबुआ आईपीएस अजयपाल। हम तो वो लोग हैं जो कायदे से आपके ‘छोटा फैंटा’ और ‘बड़ा फैंटा’ का भी इलाज कर लेते हैं! हीरोगिरी थोड़ा संभलकर कीजिए।”

बंगाल चुनाव के दौरान ऑब्ज़र्वर बने, उप्र के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का जो अभद्र वीडियो सरेआम चल रहा है, उससे उत्तर प्रदेश सरकार के शासन-प्रशासन की छवि बेहद क्षतिग्रस्त हुई है साथ ही भाजपा सरकार के तथाकथित ‘महिला सम्मान’ व ‘नारी वंदन’ के दावों की पोल भी महिलाओं के सामने पूरी तरह…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) April 28, 2026
वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी इस मामले में अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने शर्मा को बीजेपी का ‘एजेंट’ करार देते हुए कहा कि बंगाल में बीजेपी ने रामपुर और संभल में ‘टेस्ट’ किए हुए अपने चहेते अधिकारियों को भेजा है, लेकिन इससे कुछ होने वाला नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि समय आने पर इन ‘एजेंडों के एजेंटों’ की आपराधिक करतूतों की गहरी जांच होगी।
बंगाल में क्यों हुई है इनकी तैनाती?
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के संवेदनशील इलाकों में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने और कानून व्यवस्था को काबू में रखने के लिए अजय पाल शर्मा जैसे कड़क छवि वाले अधिकारी को जिम्मेदारी दी है। बंगाल में हिंसा और डराने-धमकाने की शिकायतों के बीच ‘सिंघम’ का यह सख्त अंदाज अब चर्चा का विषय बन गया है।
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