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‘गलत पार्टी में…..राघव चड्ढा का ‘आप’ से मोहभंग, दो-तिहाई सांसदों के साथ बीजेपी में विलय का ऐलान, दिल्ली की सियासत में भूचाल

नई दिल्ली। भारतीय राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है। चड्ढा ने न केवल पार्टी छोड़ने की घोषणा की है, बल्कि राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सांसदों के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का बड़ा ऐलान कर दिया है। इस फैसले ने दिल्ली से लेकर पंजाब तक की राजनीति में भारी हलचल मचा दी है।

संविधान के प्रावधानों का हवाला देकर बीजेपी में विलय का दांव

राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी व्यक्तिगत स्वार्थ में नहीं, बल्कि संवैधानिक नियमों के तहत लिया गया है। चड्ढा ने कहा, “हमने यह तय किया है कि राज्यसभा में ‘आप’ के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का पालन करते हुए खुद को बीजेपी में मिला लेंगे।” उन्होंने बताया कि दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने इस मुहिम का समर्थन करते हुए हस्ताक्षर कर दिए हैं और इसकी औपचारिक सूचना आज सुबह ही राज्यसभा के सभापति को सौंप दी गई है।

इन बड़े चेहरों के नाम आए सामने, आप को लगा तगड़ा झटका

राघव चड्ढा के इस ऐलान के साथ ही उन नामों की सूची भी सामने आ गई है जो आम आदमी पार्टी का दामन छोड़ कमल थामने की तैयारी में हैं। इस सूची में स्वाति मालीवाल, दिग्गज क्रिकेटर हरभजन सिंह, संदीप पाठक, अशोक मित्तल और विक्रमजीत सिंह साहनी जैसे बड़े और प्रभावशाली चेहरे शामिल हैं। जानकारों का मानना है कि इतने भारी भरकम नामों का एक साथ जाना अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली पार्टी के लिए अब तक का सबसे बड़ा सांगठनिक और राजनीतिक संकट साबित हो सकता है।

15 साल का रिश्ता खत्म, बोले- मैं गलत पार्टी में सही आदमी था

अपनी पुरानी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए राघव चड्ढा भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के बेशकीमती 15 साल दिए, वह अब अपने मूल सिद्धांतों और नैतिकता से पूरी तरह भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी अब देश हित के बजाय निजी फायदे के लिए काम करने वाली पार्टी बन गई है। चड्ढा ने कड़े शब्दों में कहा, “पिछले कुछ समय से मुझे महसूस हो रहा था कि मैं एक गलत पार्टी में सही आदमी हूं। इसीलिए आज मैं खुद को इस दलदल से अलग कर जनता के हितों के करीब जा रहा हूं।”

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