Thursday , 25 June 2026

लखनऊ: ई-रिक्शा में सवारी बनकर बैठते थे ‘ज़हरखुरान’, पलक झपकते ही उड़ा देते थे गहने और नकदी; महिला गैंग समेत 5 गिरफ्तार

लखनऊ: अगर आप भी ई-रिक्शा या टेंपो में सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए चेतावनी है। राजधानी की मड़ियांव पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो सवारी बनकर वाहन में बैठते थे और बड़ी ही सफाई से पास बैठी महिलाओं के जेवर और नकदी पार कर देते थे। पुलिस ने इस गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं।

भिटौली चौराहे के पास घेराबंदी कर दबोचा गया गिरोह

मड़ियांव थाना प्रभारी निरीक्षक शिवानंद मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम काफी समय से भीड़भाड़ वाले इलाकों में हो रही टप्पेबाजी और चोरी की वारदातों को सुलझाने में लगी थी। इसी बीच मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि भिटौली चौराहे से नौबस्ता जाने वाली सड़क पर एक संदिग्ध गिरोह मौजूद है। पुलिस ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दो युवकों व तीन महिलाओं को हिरासत में ले लिया।

नाम बदलकर देते थे चकमा, पास से बरामद हुए भारी जेवर

थाने लाकर की गई कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान जयप्रकाश उर्फ जैकी, मनोज कुमार उर्फ जत्था, रजनी, रामवती और अनीता के रूप में बताई। पुलिस ने इनके पास से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषणों का जखीरा बरामद किया है, जिसमें सोने का हार, चेन, मंगलसूत्र, माथे का टीका, अंगूठी और कान के टॉप्स शामिल हैं। इसके अलावा इनके पास से 29,400 रुपये नकद भी बरामद हुए हैं।

ई-रिक्शा में ‘हाथ की सफाई’ का था अनोखा तरीका

पूछताछ में गिरोह ने अपना ‘मोडस ऑपरेंडी’ (काम करने का तरीका) कुबूल किया। उन्होंने बताया कि गिरोह के सदस्य सवारी बनकर ई-रिक्शा या टेंपो में बैठ जाते थे। गिरोह की महिलाएं टारगेट महिला के पास बैठती थीं और बातचीत में उलझाकर या भीड़ का फायदा उठाकर उनके पर्स से नकदी या गले से जेवर पार कर देती थीं। इस काम में पुरुष सदस्य बैकअप और निगरानी का काम करते थे।

शातिर अपराधियों का पुराना आपराधिक इतिहास

पुलिस के मुताबिक, पकड़ा गया गिरोह काफी पुराना और शातिर है। इन सभी आरोपियों पर पहले से भी चोरी और टप्पेबाजी के कई मामले दर्ज हैं। मड़ियांव पुलिस ने बताया कि इस गैंग की गिरफ्तारी से क्षेत्र में होने वाली छोटी-मोटी चोरियों और टप्पेबाजी की घटनाओं पर लगाम लगेगी। फिलहाल सभी आरोपियों को सुसंगत धाराओं में जेल भेज दिया गया है।

Check Also

मुजफ्फरनगर में रोंगटे खड़े कर देने वाली हैवानियत: दोना-पत्तल फैक्ट्री से 13 मजदूर बंधनमुक्त, 24 घंटे काम, पहरे पर पिटबुल और खाने में सिर्फ नमक-रोटी

मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से बंधक मजदूरी और हैवानियत की एक ऐसी खौफनाक …