नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी शनिवार (18 अप्रैल) की रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। पीएमओ (PMO) द्वारा इस संबोधन के ऐलान के बाद से ही देश भर में सियासी अटकलें तेज हो गई हैं। इतिहास गवाह है कि जब भी पीएम मोदी ने देश के नाम विशेष संबोधन किया है, तब नोटबंदी या लॉकडाउन जैसे बड़े और चौंकाने वाले फैसले सामने आए हैं। हालांकि, इस बार माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर अपनी बात रखेंगे और विपक्ष की घेराबंदी करेंगे।
Prime Minister Narendra Modi will address the nation at 8:30 PM tonight. pic.twitter.com/1lg1catv0A
— ANI (@ANI) April 18, 2026
सदन में बिल गिरने के बाद पहला बड़ा संबोधन
प्रधानमंत्री का यह संबोधन ऐसे समय में हो रहा है जब एक दिन पहले ही लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा महत्वपूर्ण बिल गिर गया। 12 वर्षों के कार्यकाल में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार सदन में किसी बिल को पास कराने में विफल रही है।
-
वोटिंग का गणित: 21 घंटे की मैराथन चर्चा के बाद बिल के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े।
- बहुमत की कमी: बिल को पारित करने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोटों की आवश्यकता थी, जिससे सरकार दूर रह गई।
विपक्ष पर ‘महिला विरोधी’ होने का आरोप
संसद में बिल पारित न होने को विपक्ष जहां ‘लोकतंत्र की जीत’ और सरकार की तानाशाही पर लगाम बता रहा है, वहीं भाजपा और एनडीए इसे विपक्ष की ‘महिला विरोधी’ मानसिकता करार दे रही है। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी अपने संबोधन में देश की महिलाओं को यह संदेश दे सकते हैं कि सरकार उनके अधिकार के लिए प्रतिबद्ध थी, लेकिन विपक्ष ने इसमें रोड़ा अटकाया।
कैबिनेट बैठक में बोले पीएम: “विपक्ष ने महिलाओं को हराया”
संबोधन से पहले शनिवार को ही प्रधानमंत्री ने कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक की। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में पीएम मोदी ने विपक्ष के रवैये पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा:
“विपक्ष ने सरकार को नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी (महिलाओं) को हराया है। उन्हें इस कृत्य का अंजाम भुगतना होगा।”
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों और नेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मुद्दे को केवल संसद तक सीमित न रखा जाए, बल्कि देश के हर गांव और हर घर तक पहुंचाया जाए। सरकार अब जनता के बीच जाकर विपक्ष की ‘असली मंशा’ को उजागर करने की योजना बना रही है।
क्या होगा संबोधन का मुख्य एजेंडा?
विशेषज्ञों का मानना है कि आज रात 8:30 बजे प्रधानमंत्री निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं:
-
महिला सशक्तिकरण: सरकार के अब तक के प्रयासों और भविष्य की रणनीति।
-
विपक्ष की घेराबंदी: बिल को गिराने के पीछे विपक्ष के तर्कों को जनता के सामने बेनकाब करना।
-
जनता का पक्ष: महिलाओं से सीधे जुड़कर उनका विश्वास बहाल करना।
-
आगामी कदम: क्या सरकार इस बिल को दोबारा लाने या किसी अध्यादेश की ओर बढ़ेगी?
पूरे देश की निगाहें आज रात प्रधानमंत्री के शब्दों पर टिकी होंगी, क्योंकि यह संबोधन आगामी चुनावों की दिशा और दशा भी तय कर सकता है।
voice of india
