कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में मतदान के बाद का सन्नाटा अब एक बड़े सियासी तूफान में बदल गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) पर “महा-चुनावी फ्रॉड” का गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है। TMC का दावा है कि पार्टी प्रतिनिधियों की गैर-मौजूदगी में ही बैलेट बॉक्स के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। हालांकि, चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्टीकरण जारी कर दिया है।
लोकतंत्र की हत्या या सियासी पैंतरा? TMC के गंभीर आरोप
TMC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक वीडियो साझा करते हुए सनसनीखेज दावा किया है। पार्टी का आरोप है कि स्ट्रॉन्ग रूम के भीतर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। TMC ने कहा, “यह दिन-दहाड़े लोकतंत्र की हत्या है। CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से बैलेट बॉक्स बिना किसी अधिकृत प्रतिनिधि के खोले जा रहे हैं।”
पार्टी ने तीखा हमला बोलते हुए आगे कहा कि भाजपा ने हर संभव ‘गंदी चाल’—वोटरों को डराना, केंद्रीय बलों का डर और धनबल का इस्तेमाल—चली, लेकिन जब वे इसमें नाकाम रहे, तो अब EVM और बैलेट बॉक्स से छेड़छाड़ पर उतर आए हैं। पार्टी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि बंगाल इसे चुपचाप नहीं देखेगा।
मैदान में उतरीं ममता बनर्जी, नेताओं का ‘धरना प्रदर्शन’
विवाद बढ़ता देख तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज नेता सड़क पर उतर आए हैं। डॉ. शशि पांजा और कुणाल घोष ने नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंच सकती हैं। इस बीच, कलकत्ता हाईकोर्ट से भी TMC को झटका लगा है, जहां अदालत ने काउंटिंग स्टाफ की तैनाती से जुड़ी उनकी याचिका को खारिज कर दिया है।
चुनाव आयोग का पलटवार
तृणमूल के आरोपों पर चुनाव आयोग ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए एक विस्तृत सफाई पेश की है। आयोग ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसकी वास्तविकता कुछ और है। आयोग के अनुसार:
-
खुदीराम अनुशीलन केंद्र में स्थित सातों स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित और सील हैं।
-
इन कमरों को उम्मीदवारों और ऑब्जर्वरों की मौजूदगी में सुबह 5:15 बजे सील किया गया था।
-
जिस प्रक्रिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह दरअसल पोस्टल बैलेट को अलग करने का काम था, जो एक अलग गलियारे में चल रहा था।
-
सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को इस प्रक्रिया के बारे में पहले ही ईमेल के जरिए सूचित कर दिया गया था।
आयोग ने जोर देकर कहा कि मुख्य स्ट्रॉन्ग रूम जहां EVM रखी हैं, वे पूरी तरह बंद हैं और सुरक्षा घेरे में हैं। रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा जारी दस्तावेजों में भी उम्मीदवारों और एजेंटों को उपस्थित रहने का औपचारिक अनुरोध किया गया था।
voice of india
