Friday , 8 May 2026

नासिक TCS धर्मांतरण कांड: फरार मुख्य आरोपी निदा खान गिरफ्तार, संभाजीनगर में पुलिस ने दबोचा; यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव का है सनसनीखेज मामला

नासिक/संभाजीनगर: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टीसीएस (TCS) के नासिक ऑफिस में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में नासिक पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। लंबे समय से फरार चल रही मुख्य महिला आरोपी निदा खान को पुलिस ने छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) से धर दबोचा है। निदा की गिरफ्तारी के बाद अब इस सिंडिकेट के कई और काले राज खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।

गिरफ्तारी से बचने के लिए ‘प्रेग्नेंसी’ का दांव, वकीलों ने दी थी दलील

निदा खान की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। अप्रैल के महीने में जब निदा के वकीलों ने जमानत की याचिका लगाई थी, तब एक डॉक्टर के बयान का सहारा लेकर राहत मांगी गई थी। 18 अप्रैल को डॉक्टर ने कोर्ट में कहा था कि निदा खान प्रेग्नेंट है और उसे एक हफ्ते के बेड रेस्ट की जरूरत है, इसलिए वह जांच में शामिल नहीं हो सकती। हालांकि, कोर्ट से राहत न मिलने के बाद निदा गायब हो गई थी, जिसे आखिरकार पुलिस की स्पेशल टीम ने ढूंढ निकाला।

4 मुख्य आरोपी न्यायिक हिरासत में, 18 मई तक जेल में रहेंगे रजा और तौसीफ

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए नासिक की एक अदालत ने बीते मंगलवार को चार मुख्य आरोपियों को 18 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत (Jail) में भेज दिया है। इन आरोपियों में रजा रफीक मेमन, तौसीफ बिलाल अत्तार, दानिश एजाज शेख और शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी शामिल हैं। पुलिस इन आरोपियों से धर्मांतरण के नेटवर्क और कंपनी के भीतर सक्रिय इस ‘धार्मिक प्रेशर ग्रुप’ के बारे में पूछताछ कर चुकी है।

क्या है पूरा मामला? आईटी कंपनी के भीतर चलता था ‘खतरनाक खेल’

नासिक स्थित टीसीएस के बीपीओ ऑफिस में यह मामला तब उजागर हुआ जब कई महिला कर्मचारियों ने अपने ही सहकर्मियों पर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाए। शिकायतों के मुताबिक, फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच कंपनी के भीतर महिला कर्मचारियों का यौन उत्पीड़न किया गया और उन पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया। 26 मार्च को एक साहसी महिला कर्मचारी ने देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में पहली शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद शिकायतों की झड़ी लग गई।

SIT की हेल्पलाइन पर शिकायतों का अंबार, लेकिन सामने आने से डर रहे लोग

मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया था, जिस पर अब तक 20 से ज्यादा फोन कॉल आ चुके हैं। अधिकतर शिकायतों में धार्मिक भावनाओं को आहत करने और कार्यस्थल पर भेदभाव के आरोप हैं। हालांकि, पुलिस के सामने एक बड़ी चुनौती यह है कि लोग फोन पर तो आपबीती बता रहे हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से एफआईआर दर्ज कराने के लिए सामने आने से डर रहे हैं। पुलिस अब तक इस मामले में 12 लिखित शिकायतें और 9 एफआईआर दर्ज कर चुकी है।

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