Friday , 8 May 2026

कानपुर में 146 करोड़ का महाघोटाला: ‘पप्पू छुरी’ गिरफ्तार, मजदूरों के PAN कार्ड से चलता था फर्जी कंपनियों का काला साम्राज्य…देखें VIDEO 

कानपुर। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कानपुर में पुलिस ने वित्तीय धोखाधड़ी के एक ऐसे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार कई राज्यों से जुड़े हैं। कानपुर नगर कमिश्नरेट पुलिस ने गुरुवार को जाजमऊ इलाके से इस रैकेट के मास्टरमाइंड महफूज अली उर्फ ‘पप्पू छुरी’ को दबोच लिया है। महफूज पर फर्जी कंपनियां बनाकर 146 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन और बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का आरोप है।

गरीब मजदूरों के दस्तावेजों से ‘अमीर’ बनने का खेल

पुलिस की तफ्तीश में जो तरीका सामने आया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। यह गैंग कम पढ़े-लिखे मजदूरों को छोटे-मोटे प्रलोभन देकर उनके PAN कार्ड और आधार जैसे दस्तावेज हासिल कर लेता था। इन दस्तावेजों के आधार पर ‘अफीसा एंटरप्राइजेज’ जैसी फर्जी (शेल) कंपनियां रजिस्टर कराई जाती थीं। चकेरी पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त जांच में खुलासा हुआ कि महफूज ने अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर करीब 68 बैंक खाते खुलवा रखे थे, जिनका इस्तेमाल हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था।

कबाड़ और बूचड़खाने के धंधे में ‘हवाला’ का तड़का

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस रैकेट का सबसे ज्यादा उपयोग स्क्रैप (कबाड़) और बूचड़खाने के कारोबार से जुड़े बड़े व्यापारी कर रहे थे। महफूज इन फर्जी बैंक खातों में करोड़ों रुपये मंगवाता था और फिर कैश निकालकर अपना मोटा कमीशन काटकर व्यापारियों को वापस लौटा देता था। इस प्रक्रिया के जरिए GST चोरी और इनकम टैक्स फ्रॉड को अंजाम दिया जा रहा था।

वकील फिरोज खान: सिंडिकेट का असली ‘विधिक’ दिमाग

पुलिस ने इस पूरे सिंडिकेट के पीछे एक वकील फिरोज खान की पहचान की है, जो फिलहाल फरार है। फिरोज ही वह व्यक्ति है जो इन फर्जी फर्मों के लिए GST रजिस्ट्रेशन से लेकर तमाम कानूनी कागजात तैयार करवाता था। पुलिस अब फिरोज और उसके अन्य साथियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपी महफूज अली का पुराना आपराधिक इतिहास भी है और उसके खिलाफ पहले से ही आधा दर्जन मामले दर्ज हैं।

5 राज्यों तक फैला जाल, आयकर विभाग भी अलर्ट

इस घोटाले की गूंज केवल कानपुर या यूपी तक सीमित नहीं है। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के तार दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक फैले हुए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए GST और आयकर विभाग की टीमें भी पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर जांच कर रही हैं। पुलिस ने अब उन सभी व्यापारियों और लाभार्थियों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है, जिन्होंने इस फर्जीवाड़े का इस्तेमाल किया, जिनमें ताहिर, अजमेरी और रुस्तम जैसे नाम प्रमुखता से सामने आए हैं।

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