Sunday , 3 May 2026

Middle East Crisis: ईरान-अमेरिका के बीच फिर छिड़ेगी जंग? तेहरान ने सेना को किया ‘हाई अलर्ट’, ट्रंप ने ठुकराया दोस्ती का हाथ

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (Middle East) में शांति की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने अमेरिका और इजराइल को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि दोनों पक्षों के बीच सैन्य संघर्ष किसी भी वक्त दोबारा भड़क सकता है। तेहरान ने वाशिंगटन पर समझौतों से मुकरने और कूटनीति के नाम पर दिखावा करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने की आशंका है।

ईरान का अमेरिका पर ‘मीडिया गेम’ खेलने का आरोप

ईरान के सैन्य मुख्यालय के डिप्टी मोहम्मद जाफर असादी ने ‘फार्स न्यूज एजेंसी’ के जरिए कड़ा संदेश जारी किया है। असादी ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के हालिया बयान और उनके कदम यह साबित करते हैं कि वाशिंगटन शांति बहाली के प्रति रत्ती भर भी गंभीर नहीं है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका का वर्तमान रुख केवल मीडिया को खुश करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों (Oil Prices) को गिरने से रोकने के लिए एक ‘रणनीतिक नाटक’ है। असादी ने स्पष्ट किया कि ईरानी सेना हर तरह की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और अमेरिका को किसी भी “नई हिमाकत” से बचना चाहिए।

ट्रंप का सख्त रुख: पाकिस्तान के जरिए भेजा गया प्रस्ताव खारिज

यह तनावपूर्ण बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बातचीत के नए प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, यह शांति प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से भेजा गया था। ट्रंप ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह इस प्रस्ताव की शर्तों से “संतुष्ट नहीं” हैं। ट्रंप के इस दो-टूक जवाब ने कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है, जिससे साफ है कि आने वाले दिनों में दबाव और बढ़ेगा।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य में छिड़ा ‘आर्थिक युद्ध’

तनाव की सबसे बड़ी वजह हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ती सैन्य और आर्थिक गतिविधियां हैं। अमेरिकी ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने दुनियाभर की शिपिंग कंपनियों को चेतावनी जारी की है। अमेरिका ने साफ कहा है कि यदि कोई भी जहाज इस मार्ग से सुरक्षित गुजरने के लिए ईरान को ‘प्रोटेक्शन मनी’ या किसी भी तरह का शुल्क देता है, तो उस पर सख्त अमेरिकी प्रतिबंध लगाए जाएंगे।

वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर संकट के बादल

गौरतलब है कि दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस व्यापार का लगभग 20% हिस्सा इसी हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ईरान पर आरोप है कि वह अपनी समुद्री सीमा के पास से गुजरने वाले जहाजों को ‘सुरक्षित रास्ता’ देने के नाम पर मोटी रकम वसूल रहा है। जहाजों पर बढ़ते हमलों और धमकियों के कारण यह समुद्री मार्ग अब एक युद्ध क्षेत्र में तब्दील होता दिख रहा है। यदि यह गतिरोध बना रहा, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति (Global Energy Supply) बाधित हो सकती है, जिससे पूरी दुनिया में महंगाई का नया दौर शुरू हो सकता है।

Check Also

बंगाल चुनाव: फाल्टा की सभी 285 सीटों पर अब 21 मई को ‘महा-दंगल’, जानें 4 मई के रिजल्ट पर क्या होगा असर?

नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने एक ऐसा …