पटियाला। पंजाब के पटियाला जिले में शंभू-हरियाणा बॉर्डर के पास सोमवार रात एक बड़ी नापाक साजिश को अंजाम देने की कोशिश की गई। रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध गतिविधियों के बीच एक जोरदार धमाका करने का प्रयास किया गया, जिसमें साजिशकर्ता खुद ही मारा गया। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर इलाके को घेर लिया है और मामले की जांच ‘आतंकी एंगल’ से की जा रही है।
ट्रैक उड़ाने की फिराक में था हमलावर, खुद के ही जाल में फंसा
पटियाला के एसएसपी के मुताबिक, सोमवार रात पुलिस को शंभू बॉर्डर के पास रेलवे ट्रैक पर विस्फोट की आशंका वाली सूचना मिली थी। जब पुलिस टीमें और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे, तो वहां एक शव बरामद हुआ। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह शख्स रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाने के लिए बड़ा धमाका करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान हुए विस्फोट में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
तरन तारन का रहने वाला था आरोपी, निहंग का धारण किया था वेश
मारे गए शख्स की पहचान जगरूप सिंह के रूप में हुई है, जो तरन तारन जिले के पंजवार खुराद गांव का निवासी था। चश्मदीदों और पुलिस के अनुसार, आरोपी ने निहंग सिंह का वेश धारण कर रखा था। मौके से पुलिस को सिम कार्ड और कुछ अन्य वैज्ञानिक सबूत मिले हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेज दिया गया है। टेक्निकल टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह किसके संपर्क में था और किस विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था।
सुखबीर बादल का तीखा हमला: ‘इंटेलीजेंस की विफलता’
इस घटना के बाद पंजाब की सियासत गरमा गई है। शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने इसे सरकार की बड़ी विफलता बताया है। उन्होंने ‘X’ पर पोस्ट कर लिखा कि यह एक गंभीर ‘इंटेलीजेंस फेलियर’ है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भी इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर आरपीजी (RPG) हमला हो चुका है, लेकिन सरकार सोई हुई है। बादल ने चेतावनी दी कि सीएम की लापरवाही पंजाब को फिर से अंधेरे दौर में धकेल रही है।
रेलवे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी रेल यात्री या संपत्ति को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है। जीआरपी (GRP) और आरपीएफ (RPF) की टीमें भी जांच में जुट गई हैं। बता दें कि इसी साल जनवरी में फतेहगढ़ साहिब के सरहिंद में भी फ्रेट कॉरिडोर पर ऐसा ही धमाका हुआ था, जिसमें ट्रेन का इंजन क्षतिग्रस्त हुआ था। बार-बार रेलवे ट्रैक को निशाना बनाए जाने की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
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