लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके में 24 घंटे पहले हुई टाइल्स कारीगर रितेश सिंह की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। दोस्ती के पीछे छिपी पुरानी रंजिश और ईगो की लड़ाई ने एक जान ले ली। चिनहट पुलिस और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने बुधवार देर रात तीन हत्यारोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में जो खुलासा किया, उसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। हत्या की वजह महज एक मामूली विवाद और जेल से छूटकर आने के बाद मिली ‘बेइज्जती’ का बदला लेना था।
शराब पार्टी के बहाने बुलाया और चाकू से रेत दी गर्दन
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक, गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान प्रियांशु गुप्ता, आशु निषाद और अनस खान के रूप में हुई है, जो कमता इलाके के निवासी हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने सोची-समझी साजिश के तहत रितेश को फोन कर हरदासी खेड़ा बुलाया था। वहां सभी ने साथ बैठकर शराब पी, लेकिन नशे की हालत में पुरानी बातों को लेकर नोंकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने चाकू से रितेश की गर्दन रेत डाली और मौके से फरार हो गए।
दिवाली के पटाखों से शुरू हुई थी खूनी रंजिश
हत्या की पटकथा पिछले साल दिवाली पर ही लिख दी गई थी। आरोपियों ने बताया कि दिवाली के दौरान रितेश और उनके बीच पटाखा फोड़ने को लेकर हिंसक झड़प हुई थी। इस मामले में पुलिस केस भी दर्ज हुआ था और रितेश को जेल जाना पड़ा था। लेकिन कुछ समय बाद रितेश जमानत पर बाहर आ गया। आरोपियों का दावा है कि जेल से आने के बाद रितेश उन्हें सबके सामने नीचा दिखाता था और कहता था कि “तुम लोग मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाए।” इसी सार्वजनिक बेइज्जती का बदला लेने के लिए उन्होंने मौत का खेल रचा।
CCTV और सर्विलांस की मदद से 24 घंटे में खुलासा
प्रभारी निरीक्षक दिनेश चन्द्र मिश्र और डीसीपी पूर्वी की क्राइम टीम के प्रभारी अमरनाथ चौरसिया ने इस ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझाने के लिए इलाके के दर्जनों सीसीटीवी कैमरे खंगाले। सर्विलांस सेल की सटीक लोकेशन के आधार पर तीनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू (आला कत्ल), मृतक का मोबाइल फोन और खून से सनी चप्पलें भी बरामद कर ली हैं। इस मामले में एक आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। सफल खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की गई है।
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