लखनऊ। राजधानी के मोहनलालगंज में मानवता को शर्मसार करने वाले दोहरे हत्याकांड के आरोपी को पुलिस ने अंततः दबोच लिया है। सिसेंडी गांव में विधवा महिला और उसके मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या करने वाला दरिंदा केशन रावत बुधवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है, वहीं इस साहसिक ऑपरेशन के दौरान एक सिपाही भी जख्मी हुआ है।
बाजखेड़ा के जंगलों में छिपी थी ‘मौत’
सोमवार को हुए इस जघन्य अपराध के बाद से ही मोहनलालगंज पुलिस और सर्विलांस टीम कातिल की तलाश में खाक छान रही थी। प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में टीमें गठित की गई थीं। बुधवार देर रात पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी केशन रावत हुलासखेड़ा क्षेत्र के बाजखेड़ा गांव के पास एक सुनसान इलाके में छिपा बैठा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी शुरू की, तो खुद को फंसता देख आरोपी ने टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
एनकाउंटर में लगी गोली, सिपाही भी हुआ घायल
पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक गोली केशन के बाएं पैर में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। हालांकि, गिरफ्तारी से पहले आरोपी की ओर से चलाई गई गोली लगने से एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। पुलिस ने तत्काल दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। मौके से पुलिस को एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद हुआ है।
अफसरों ने किया मौका-ए-वारदात का मुआयना
मुठभेड़ की खबर मिलते ही डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल, एडीसीपी रल्लापल्ली वसंथ कुमार और एसीपी विकास पांडे दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और पुलिस टीम की पीठ थपथपाई। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ कर इस बात का पता लगाया जा रहा है कि इस वारदात के पीछे क्या केवल वही शामिल था या उसे किसी और का भी संरक्षण प्राप्त था।
क्या था पूरा मामला?
बता दें कि सिसेंडी गांव में सोमवार को रेशमा बानो (परिवर्तित नाम) और उनके बेटे शादाब की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। जांच में सामने आया था कि हत्या से पहले महिला के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को भी अंजाम दिया गया था। इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल था।
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