लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इस वक्त की एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। कैसरबाग स्थित जिला कोर्ट और स्वास्थ्य भवन के आसपास बने वकीलों के अवैध चैंबरों और दुकानों पर रविवार तड़के जिला प्रशासन और नगर निगम का बुलडोजर गरजा है। हाईकोर्ट के कड़े आदेश के बाद सुबह-सुबह भारी पुलिस बल और नगर निगम की टीमें बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंच गईं और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। इस अचानक हुई कार्रवाई से नाराज सैकड़ों की संख्या में वकील और स्थानीय दुकानदार मौके पर इकट्ठा हो गए और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, तो वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक और देखते ही देखते भारी धक्का-मुक्की शुरू हो गई। फिलहाल पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और मौके पर नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी और कई थानों की फोर्स तैनात है।
सुंदरकांड के टेंट पर भी चला बुलडोजर, कार्रवाई रोकने की कोशिश हुई नाकाम
प्रशासनिक अमले को रोकने और बुलडोजर एक्शन का विरोध करने के लिए वकीलों ने एक अनोखा रास्ता अपनाया था। जिस जगह पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होनी थी, वहां वकीलों की तरफ से सुबह-सुबह सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया था। वकीलों को उम्मीद थी कि इस धार्मिक आयोजन के चलते शायद प्रशासन कदम पीछे खींच लेगा, लेकिन पुलिस और नगर निगम की टीमों ने सख्त रुख अपनाते हुए सुंदरकांड से जुड़े टेंट और लाउडस्पीकरों को वहां से हटवा दिया और अपनी कार्रवाई जारी रखी।
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: An advocate says, "All this is wrong. All of this is happening due to the collusion of certain individuals. The space where our advocates used to sit is being removed. It would have been appropriate had they first provided alternative arrangements… https://t.co/5XvmhEmpr1 pic.twitter.com/f70EzjBjhR
— ANI (@ANI) May 17, 2026
हाईकोर्ट के रडार पर थे 240 अवैध चैंबर, नोटिस की मियाद खत्म होते ही एक्शन
यह पूरा विवाद जिला अदालत और स्वास्थ्य भवन के आसपास की सरकारी जमीनों पर बने अवैध निर्माण को लेकर है। दरअसल, माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) ने स्वास्थ्य भवन व कचहरी के आसपास अवैध रूप से तने वकीलों के 240 चैंबरों और दुकानों को तत्काल प्रभाव से तोड़ने का आदेश जारी किया था। इस आदेश के बाद नगर निगम लखनऊ ने बकायदा सभी अवैध निर्माणों पर नोटिस चस्पा कर वकीलों को खुद ही अपना सामान और चैंबर हटाने के लिए समय (मियाद) दिया था। तय समय सीमा पूरी होने के बावजूद जब वकीलों ने अतिक्रमण नहीं हटाया, तो रविवार की छुट्टी के दिन सुबह ही प्रशासन ने पूरी तैयारी के साथ बुलडोजर एक्शन शुरू कर दिया।
वकीलों का गंभीर आरोप: बिना वैकल्पिक व्यवस्था के आम वकीलों पर गिराई गाज
एएनआई (ANI) से बातचीत के दौरान एक प्रदर्शनकारी वकील ने प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। वकील का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई गलत है और कुछ रसूखदार लोगों की मिलीभगत से की जा रही है। उन्होंने कहा, “हमारे बैठने की जगह को उजाड़ दिया गया। अगर चैंबर गिराने ही थे, तो पहले वकीलों के बैठने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी। हाईकोर्ट ने जिन 72 मुख्य अवैध चैंबरों की पहचान कर उन्हें गिराने का आदेश दिया था, उन पर कोई आंच नहीं आई। इसके विपरीत प्रशासन ने उन आम और गरीब वकीलों के चैंबरों को ध्वस्त कर दिया, जिनका नाम आदेश में था ही नहीं। अब ये बेघर हुए वकील कोर्ट परिसर में कहां बैठेंगे?”
डीसीपी वेस्ट का बयान: कैसरबाग में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में, फोर्स मुस्तैद
इस पूरे बवाल और तनावपूर्ण माहौल के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर लखनऊ के डीसीपी (पश्चिम) कमलेश दीक्षित ने एएनआई को बताया कि कैसरबाग स्थित न्यायालय और स्वास्थ्य भवन के पास अवैध रूप से निर्मित चैंबरों को ध्वस्त करने का अभियान पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चलाया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं और पूरे डिमोलिशन एरिया में पीएसी और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। डीसीपी ने साफ किया कि मौके पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और कानून हाथ में लेने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
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