Sunday , 5 July 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड में महाभूचाल: चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ वकीलों ने दी तहरीर; कहा- ‘FIR नहीं हुई तो जाएंगे सुप्रीम कोर्ट’

अयोध्या। अयोध्या के भव्य राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी प्रकरण ने अब एक बेहद गंभीर और राजनीतिक रूप ले लिया है। इस मामले में पुलिसिया जांच के बीच अब अयोध्या के वकीलों ने सीधे ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फैजाबाद बार एसोसिएशन के सदस्यों ने सीधे राम जन्मभूमि थाने पहुंचकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए पुलिस को औपचारिक तहरीर (शिकायती पत्र) सौंप दी है। वकीलों के इस आक्रामक रुख से अयोध्या से लेकर लखनऊ तक प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।

चंपत राय के आवास पर PAC का पहरा, आरोपी लवकुश के घर चलेगा बुलडोजर!

मामले की गंभीरता और बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। विवादों के केंद्र में आए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की सुरक्षा को तत्काल प्रभाव से कड़ा कर दिया गया है। चंपत राय के निवास स्थान पर अब चार दारोगा और पीएसी (PAC) के जवानों की भारी तैनाती कर दी गई है।

दूसरी ओर, पुलिस और विकास प्राधिकरण ने आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मुख्य आरोपियों में शामिल लवकुश मिश्रा के एक निर्माणाधीन मकान को अवैध बताते हुए प्रशासन ने उस पर बुलडोजर चलाने का नोटिस चस्पा कर दिया है।

आरोपियों का बड़ा कबूलनामा: “अनिल मिश्रा की देखरेख में ही होता था पैसों का खेल”

इसी बीच, सूत्रों के हवाले से एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों ने पूछताछ के दौरान ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर कई बड़े दावे किए हैं। आरोपियों के मुताबिक, मंदिर में आने वाले दान की पूरी धनराशि डॉ. अनिल मिश्रा की सीधी देखरेख में ही जमा की जाती थी।

इतना ही नहीं, पैसों की गिनती का काम ‘सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज’ नाम की एक प्राइवेट संस्था के कर्मचारी करते थे, और गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों में से 6 इसी सिक्योरिटी एजेंसी के मुलाजिम हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि राम मंदिर के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी के साथ डॉ. अनिल मिश्रा ही वित्तीय लेनदेन के चेकों पर हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत थे। ऐसे में इतनी बड़ी हेराफेरी से उनका अनजान होना वकीलों के गले नहीं उतर रहा है।

असली जिम्मेदारों को बचाने का आरोप, 4 रसूखदारों के खिलाफ पुलिस को शिकायत

अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा ऐतराज जताया है। वकीलों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन छोटी मछलियों को पकड़कर ट्रस्ट के बड़े और रसूखदार चेहरों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी नाराजगी के चलते अधिवक्ताओं का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल राम जन्मभूमि थाने पहुंचा और चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव समेत कुल 4 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि पुलिस ने उनकी शिकायत ले ली है और जल्द ही एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया है, हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया है।

अधिवक्ताओं की खुली चेतावनी: “स्थानीय पुलिस से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे लड़ाई”

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने बेहद सख्त लहजे में पुलिस प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने दो टूक कहा, “अगर पुलिस इस मामले में नामजद एफआईआर दर्ज नहीं करती है, तो यह साफ मान लिया जाएगा कि इस पूरे महाघोटाले में कहीं न कहीं पुलिस की भी मिलीभगत है।”

उन्होंने आगे की कानूनी रणनीति साफ करते हुए कहा कि वकील अब पीछे हटने वाले नहीं हैं। अगर स्थानीय पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वे कोर्ट की शरण लेंगे। कालिका प्रसाद मिश्र ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि स्थानीय अदालत से भी न्याय नहीं मिला, तो वे इस मामले को हाईकोर्ट और जरूरत पड़ने पर देश की सबसे बड़ी अदालत, सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएंगे, लेकिन राम मंदिर के चढ़ावे पर डाका डालने वाले असली चेहरों को बेनकाब करके ही दम लेंगे।

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