Monday , 15 June 2026

लॉ स्टूडेंट की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या : घर से बुलाकर ले गए थे दबंग, बिलखती मां के आरोप-पुलिस ने सुनी होती तो जिंदा होता मेरा बेटा”

Jharkhand Mob Lynching: पूर्वी सिंहभूम में बकरी चोरी के आरोप में दो लोगों  की पीट-पीटकर हत्या - Two persons beaten to death by mob after being caught  stealing goat Jharkhand lclk -

चंदवक (जौनपुर): उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में कानून की पढ़ाई कर रहे एक होनहार छात्र की बेरहमी से हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चंदवक थाना क्षेत्र के गोबरा गांव में रविवार रात करीब सवा दस बजे एक विधि (LLB) छात्र को दबंगों ने घर से जबरन बुलाकर मौत के घाट उतार दिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस को तीन दिन पहले ही अनहोनी की आशंका जताते हुए तहरीर दी गई थी, लेकिन खाकी की लापरवाही ने एक नौजवान की जान ले ली।

घर से 600 मीटर दूर पंप हाउस पर लहूलुहान मिला छात्र

मृतक सच्चिदानंद मिश्र (25) प्रयागराज के एक निजी कॉलेज से वकालत की पढ़ाई कर रहा था और इन दिनों जौनपुर दीवानी कचहरी में एक अधिवक्ता के साथ इंटर्नशिप कर रहा था। रविवार रात गांव के ही कुछ लोग उसे घर से बुलाकर ले गए। काफी देर तक जब वह नहीं लौटा, तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। घर से महज 600 मीटर की दूरी पर एक पंप हाउस के पास सच्चिदानंद अचेत अवस्था में चारपाई पर पड़ा मिला। उसके सिर और आंखों पर किसी भारी वस्तु से प्रहार किया गया था, जिससे वह पूरी तरह लहूलुहान हो चुका था।

इलाज के दौरान तोड़ा दम, 9 लोगों पर FIR

सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल छात्र को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान सच्चिदानंद की मृत्यु हो गई। इस वारदात से पूरे गांव में भारी तनाव और आक्रोश है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 9 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया है। शुरुआती जांच में हत्या की वजह ‘पुराने विवाद की पैरवी’ बताई जा रही है।

“पुलिस ने सुनी होती तो जिंदा होता मेरा बेटा” — बिलखती मां के आरोप

मृतक की मां सरिता ने चंदवक पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि तीन-चार दिन पहले गांव के ही एक व्यक्ति से विवाद हुआ था, जिसके बाद सच्चिदानंद ने थाने में लिखित तहरीर दी थी। सरिता के अनुसार, “मेरा बेटा दो बार थाने का चक्कर काटा, लेकिन पुलिस ने मामले को नजरअंदाज कर दिया। अगर समय रहते कार्रवाई की गई होती, तो आज मेरा बेटा जिंदा होता।” घर में अब केवल सरिता और उनकी सास बची हैं, जबकि सच्चिदानंद के पिता रामचरण मिश्रा बाहर रहकर काम करते हैं।

पुलिस का पक्ष और आगे की कार्रवाई

एसओ चंदवक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहना है कि पुरानी रंजिश और कोर्ट-कचहरी की पैरवी से जुड़े विवाद को केंद्र में रखकर जांच की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा गुस्सा है, जिसके चलते गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई है।  

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