Sunday , 20 September 2026

Kanpur News: 500 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर बना कब्रिस्तान, KDA ने सुबह 6 बजे चलाया बुलडोजर; भारी फोर्स तैनात

उत्तर प्रदेश के कानपुर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्राम बरी स्थित सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए कब्रिस्तान की बाउंड्रीवॉल और पक्के निर्माण को ढहाने के लिए केडीए का बुलडोजर सुबह 6 बजे ही मौके पर पहुंच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी अप्रिय स्थिति या तनाव से निपटने के लिए भारी पुलिस फोर्स, पीएसी और महिला पुलिस बल को तैनात किया गया है। मौके पर एसीपी स्तर के अधिकारी और प्रशासनिक अफसर पूरी कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं।

500 वर्गमीटर सरकारी जमीन पर था 40 साल पुराना कब्जा

यह पूरा विवाद कानपुर के ग्राम बरी स्थित आराजी संख्या 314 से जुड़ा है। प्राधिकरण के अनुसार, यहां लगभग 500 वर्गमीटर बेशकीमती सरकारी जमीन पर पिछले 35 से 40 वर्षों से अवैध कब्जा चला आ रहा था। केडीए अधिकारियों ने बताया कि मुस्लिम कब्रिस्तान कमेटी द्वारा इस सरकारी जमीन के चारों ओर अवैध रूप से बाउंड्रीवॉल खड़ी कर दी गई थी और अंदर कमरों समेत अन्य पक्के निर्माण भी करा लिए गए थे। राजस्व रिकॉर्ड और सरकारी दस्तावेजों के सत्यापन के बाद इसे पूरी तरह गैरकानूनी पाया गया, जिसके बाद प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण की यह योजना बनाई।

हाईकोर्ट में चुनौती के बाद भी नहीं मिली राहत

केडीए अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई पूरी विधिक प्रक्रिया का पालन करने के बाद ही की गई है। अवैध कब्जे को लेकर संबंधित कमेटी को पहले ही औपचारिक नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था और उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ संबंधित पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन अदालत ने तथ्यों की पड़ताल के बाद उनकी याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद भी कमेटी को खुद अतिक्रमण हटाने के लिए लिखित और मौखिक तौर पर पर्याप्त समय दिया गया था। जब तय समय सीमा में कब्जा नहीं हटाया गया, तो प्राधिकरण ने बुलडोजर चलाकर पूरी बाउंड्रीवॉल और अवैध कमरों को जमींदोज कर दिया।

कब्रों को नहीं छुआ गया, सिर्फ अवैध निर्माण पर चला हथौड़ा

केडीए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई को लेकर किसी भी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिए। अधिकारियों ने साफ किया कि कब्रिस्तान के रूप में आधिकारिक तौर पर दर्ज मूल भूमि को बिल्कुल भी नहीं छुआ गया है और न ही कब्रों को हटाने का कोई कदम उठाया गया है। बुलडोजर की कार्रवाई केवल सरकारी जमीन पर बनी बाउंड्रीवॉल, अवैध कमरों और कब्रों के ऊपर किए गए अनाधिकृत ढांचों (स्ट्रक्चर) तक ही सीमित रही। प्राधिकरण का स्पष्ट उद्देश्य केवल सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराकर उसे वापस अपने कब्जे में लेना है।

शांति-व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी मुस्तैद

कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनाए रखने के लिए विस्तृत सुरक्षा खाका तैयार किया गया था। 14 अगस्त 2026 को ही केडीए सचिव ने अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था), कानपुर नगर को पत्र लिखकर पर्याप्त पुलिस, पीएसी और महिला पुलिस बल की मांग कर दी थी। सुबह से ही पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी गई, जिससे बिना किसी विरोध या विवाद के पूरी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया।

 

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