Friday , 1 May 2026

शादी में ‘कानफोड़ू’ डीजे बना काल, तेज धमक से 140 मुर्गियों को आया हार्ट अटैक; पुलिस ने दर्ज किया केस

सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले से एक ऐसी अजीबोगरीब और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसने ध्वनि प्रदूषण के खतरों को फिर से चर्चा में ला दिया है। यहां एक शादी समारोह के दौरान बज रहे तेज डीजे (DJ) की आवाज बेजुबान पक्षियों के लिए जानलेवा साबित हुई। बताया जा रहा है कि डीजे की भयंकर धमक के कारण एक पोल्ट्री फार्म की 140 मुर्गियों की दहशत से मौत हो गई। इस घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

डीजे की धमक और मुर्गियों की मौत का खौफनाक मंजर

पूरी घटना बल्दीराय थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव की है। बीती 25 अप्रैल की रात गांव के बब्बन विश्वकर्मा की बेटी की बारात आई थी। बारात में शामिल डीजे अपनी पूरी क्षमता के साथ बज रहा था। बारात जब साबिर अली के पोल्ट्री फार्म के सामने से गुजरी, तो संगीत का शोर इतना अधिक था कि मुर्गियों के बाड़े में अफरा-तफरी मच गई। साबिर का आरोप है कि तेज आवाज और बेस (Bass) की धमक के कारण मुर्गियां घबराकर एक-दूसरे के ऊपर चढ़ने लगीं और देखते ही देखते 140 मुर्गियों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

अनुरोध के बाद भी नहीं कम की गई आवाज

पोल्ट्री फार्म के मालिक साबिर अली ने बताया कि उन्होंने डीजे ऑपरेटर से आवाज कम करने के लिए कई बार मिन्नतें कीं। उन्होंने चेतावनी भी दी थी कि तेज शोर से मुर्गियां मर सकती हैं, लेकिन डीजे संचालक ने उनकी एक न सुनी और म्यूजिक की आवाज और बढ़ा दी। मुर्गियों की सामूहिक मौत से साबिर को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। इस घटना के बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।

डीजे ऑपरेटर के खिलाफ FIR दर्ज

बल्दीराय थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए परसीपुर निवासी डीजे संचालक कवि यादव के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच कर रहे उपनिरीक्षक एमडी ताहुर खान ने बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या डीजे निर्धारित डेसिबल मानकों का उल्लंघन कर रहा था। साथ ही पशु क्रूरता के पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ: क्यों हो जाती है पक्षियों की मौत?

पशु विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे पक्षी और मुर्गियां ध्वनि के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं। तेज ध्वनि तरंगें (Sound Waves) और भारी बेस उनके दिल की धड़कन को अनियंत्रित कर देते हैं। अत्यधिक तनाव और डर के कारण पक्षियों को कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) पड़ सकता है, जो इस मामले में मौत की वजह माना जा रहा है। सुल्तानपुर की इस घटना ने अब शादियों में होने वाले बेतहाशा शोर और ध्वनि प्रदूषण के नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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