Sunday , 19 April 2026

Indore MY Hospital: चूहा कांड के बाद अब ‘बिल्ली कांड’! MY अस्पताल के HIV वार्ड में बिल्लियों का कब्जा, जीवनरक्षक दवाओं पर मंडराया खतरा

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इंदौर: स्वच्छता में नंबर-1 शहर इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, महाराजा यशवंतराव (MY) में एक बार फिर बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। सितंबर 2025 के दिल दहला देने वाले ‘चूहों द्वारा बच्चों को कुतरने’ वाले कांड की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि अब अस्पताल की अति-संवेदनशील HIV यूनिट और ART सेंटर में बिल्लियों के डेरा जमाने से हड़कंप मच गया है। लाखों रुपये पेस्ट कंट्रोल पर खर्च करने के बावजूद अस्पताल के वार्डों में जानवरों का इस तरह घूमना प्रबंधन के दावों की पोल खोल रहा है।

संक्रमित मरीजों के लिए बढ़ा खतरा

हैरानी की बात यह है कि अस्पताल के जिस हिस्से में HIV संक्रमित मरीजों और बच्चों के लिए जीवनरक्षक दवाएं जैसे सेप्ट्रोन (Septran) रखी जाती हैं, वहां एक बिल्ली ने तीन बच्चों को जन्म दिया है। ये बिल्लियां न केवल वार्डों में खुलेआम घूम रही हैं, बल्कि दवा कक्ष (Medicine Room) में गंदगी भी फैला रही हैं। केंद्र सरकार द्वारा भेजी जाने वाली हजारों रुपये की मुफ्त दवाओं के दूषित होने की आशंका से मरीजों और उनके परिजनों में भारी आक्रोश है।

स्टाफ ही बन गया ‘पालक’: वार्ड में खिलाया जा रहा खाना

मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब यह पता चला कि अस्पताल का कुछ स्टाफ ही इन बिल्लियों को बाहर भगाने के बजाय उन्हें वार्ड के अंदर खाना खिला रहा है और उनकी देखभाल कर रहा है। मरीजों के परिजनों का आरोप है कि संवेदनशील क्षेत्रों में जानवरों की मौजूदगी से संक्रमण (Infection) फैलने का खतरा कई गुना बढ़ गया है। जहां एक ओर सुरक्षा और स्वच्छता के नाम पर सख्त नियम होने चाहिए, वहीं स्टाफ की यह लापरवाही मरीजों की जान पर भारी पड़ सकती है।

चूहा कांड की यादें हुईं ताजा: जब NICU में हुई थी नवजात की मौत

यह अव्यवस्था इसलिए भी गंभीर है क्योंकि सितंबर 2025 में इसी अस्पताल के NICU (नर्सरी) वार्ड में चूहों ने दो नवजात बच्चों को कुतर दिया था, जिससे उनकी मौत हो गई थी। उस समय हाईकोर्ट ने इसे ‘घोर लापरवाही’ (Gross Negligence) करार दिया था, जिसके बाद पेस्ट कंट्रोल कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर कई अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था। अब दोबारा जानवरों का वार्ड तक पहुंचना सिस्टम की विफलता को दर्शाता है।

प्रशासन की कार्रवाई: दो बच्चों का हुआ रेस्क्यू

बिल्ली कांड के सुर्खियों में आने के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। डीन के मुताबिक, दो बिल्ली के बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है, जबकि तीसरे को पकड़ने के लिए नगर निगम की टीम की मदद ली जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

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