ग्रेटर नोएडा। शहर के नॉलेज पार्क कोतवाली क्षेत्र स्थित कलाधाम सोसायटी के पास शनिवार देर शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। खुले और लावारिस छोड़े गए करीब 15 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में डूबने से केंद्रीय विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य सीवान यादव के 6 साल के मासूम बेटे अव्यान की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही स्थानीय निवासियों में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और प्रशासनिक तंत्र की कथित लापरवाही को लेकर भारी रोष व्याप्त है।
खेलते-खेलते गड्ढे में गिरा मासूम, नहीं थे सुरक्षा के कोई इंतजाम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार (25 जुलाई) की शाम मासूम अव्यान अपनी सोसाइटी के पास ही अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते वह अचानक बारिश के पानी से भरे उस खुले गड्ढे के पास पहुंच गया। मौके पर न तो किसी प्रकार की बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड (Caution Board) लगाया गया था। पैर फिसलने के कारण बच्चा सीधे गहरे पानी में जा गिरा।
अव्यान के गिरते ही साथ खेल रहे बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को पानी से बाहर निकाला और तुरंत निकटतम अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
बोरिंग के लिए खोदा गया था गड्ढा, अथॉरिटी अफसरों पर उठे सवाल
6 साल के मासूम की असामयिक मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह गड्ढा बोरिंग के उद्देश्य से कई दिन पहले खोदा गया था। हालिया बारिश की वजह से इसमें लबालब पानी भर गया, लेकिन खुदाई कराने वाली संबंधित एजेंसी या ठेकेदार ने सुरक्षा का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया।
पीड़ित परिवार ने सीधे तौर पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों और ठेकेदारों पर आपराधिक लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मामले में नॉलेज पार्क थाने के प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कागजों तक सीमित रहे दावे, पहले भी हो चुकी है युवराज की मौत
शहर में प्रशासनिक और निर्माण एजेंसियों की लापरवाही के कारण जान जाने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन साइट पर खोदे गए खुले गड्ढे में गिरने से युवराज मेहता नाम के युवक की दर्दनाक मौत हो गई थी। उस वक्त प्राधिकरण ने बड़े-बड़े दावे करते हुए पूरे शहर के खुले गड्ढों का सुरक्षा ऑडिट कराने और घेराबंदी करने के निर्देश दिए थे। हालांकि, मासूम अव्यान की मौत ने यह साबित कर दिया है कि वे तमाम आदेश सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित रह गए और जमीनी स्तर पर आज भी ‘मौत के गड्ढे’ लोगों की जान ले रहे हैं।
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