कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से रोंगटे खड़े कर देने वाला हत्याकांड सामने आया है, जहां एक खाली पड़े प्लॉट की सफाई के दौरान मिले सड़े-गले शव ने पुलिस को करीब 20 दिन पुरानी अंधेरी मर्डर मिस्ट्री तक पहुंचा दिया। शव इस कदर क्षत-विक्षत हो चुका था कि उसकी पहचान कर पाना नामुमकिन जैसा था, लेकिन मृतका के कपड़ों पर लगे एक छोटे से ब्रांडेड टैग ने पूरी गुत्थी सुलझा दी। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मृतका के 32 वर्षीय पति सागर चंद्र रावत को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपनी 28 वर्षीय पत्नी अनुसूया बेहरा की गला दबाकर हत्या करने, तीन दिनों तक शव को घर में रखने और फिर उसे सुनसान मैदान में फेंकने का संगीन आरोप है।
कपड़ों के शोरूम में करती थी काम, आर्थिक तंगी बनी विवाद की वजह
मृतका अनुसूया बेहरा (28 वर्ष) बेंगलुरु के एक नामी कपड़ों के स्टोर में सेल्सवुमन के रूप में कार्यरत थीं, जबकि उनका पति सागर चंद्र रावत एक होटल में काम करता था। पुलिस जांच के अनुसार, दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे, जिसके बाद उन्होंने शादी कर ली थी। शादी के कुछ महीनों बाद ही दोनों अपने बेहतर भविष्य की तलाश में बेंगलुरु शिफ्ट हो गए थे। हालांकि, महानगर में रहने के दौरान दोनों के बीच आर्थिक तंगी और पारिवारिक खर्चों को लेकर अक्सर तीखे विवाद और झगड़े होने लगे थे।
11 अगस्त की खूनी रात: बहस के बाद गला दबाकर उतारा मौत के घाट
वारदात की शुरुआत 11 अगस्त की रात हुई, जब पैसों को लेकर दोनों के बीच एक बार फिर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि आपा खो चुके सागर ने अनुसूया पर हमला कर दिया और बेरहमी से उसका गला दबा दिया। दम घुटने से कुछ ही मिनटों में अनुसूया ने दम तोड़ दिया। हत्या करने के बाद आरोपी के होश उड़ गए, लेकिन उसने सरेंडर करने के बजाय जुर्म को छिपाने की खौफनाक साजिश रची।
3 दिनों तक बेड पर रखी रही लाश, फिर अंधेरे में सुनसान प्लॉट में फेंका
हत्या के बाद सागर ने शव को चादर में लपेटकर कमरे के पलंग पर रख दिया और अगले तीन दिनों तक उसी कमरे में शव के साथ रहा। जब शव से तेज दुर्गंध उठने की आशंका हुई, तो करीब तीन दिन बाद वह अंधेरे का फायदा उठाकर शव को संपिगेहल्ली इलाके के एक वीरान व झाड़ियों से भरे खाली प्लॉट में फेंक आया। शातिर आरोपी शव ठिकाने लगाने के बाद भी कई दिनों तक उस इलाके के चक्कर काटता रहा, ताकि यह पुष्टि कर सके कि पुलिस या किसी राहगीर की नजर शव पर पड़ी है या नहीं।
आवारा कुत्तों ने नोचा शव, 20 दिन बाद सफाई अभियान में हुआ खुलासा
इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश 2 सितंबर को उस वक्त हुआ जब बेंगलुरु नगर निगम (BBMP) के सफाई कर्मचारी नियमित अभियान के तहत उक्त खाली प्लॉट की सफाई करने पहुंचे। झाड़ियों के बीच महिला का शव देखकर कर्मचारियों के होश उड़ गए। करीब 20 दिन बीत जाने के कारण शव बुरी तरह सड़ चुका था और आवारा कुत्तों ने उसके कई हिस्सों को नोच डाला था। चेहरा और शरीर पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो चुका था, जिससे सामान्य तरीके से पहचान करना असंभव हो गया था।
कपड़ों के टैग ने खोला राज: मॉल से होते हुए पति तक पहुंची पुलिस
संपिगेहल्ली पुलिस ने जब घटनास्थल की बारीकी से पड़ताल की, तो क्षत-विक्षत कपड़ों पर लगा एक ब्रांडेड टैग और बारकोड जांच अधिकारियों के हाथ लगा। पुलिस ने इस सुराग को पकड़ते हुए संबंधित शॉपिंग मॉल और कपड़ों के आउटलेट से संपर्क साधा। बिलिंग डेटा और खरीद रिकॉर्ड्स खंगालने पर पुलिस मृतका की पहचान अनुसूया बेहरा के रूप में करने में कामयाब रही।
पहचान साफ होते ही पुलिस जब अनुसूया के कार्यस्थल और घर पहुंची, तो पता चला कि उसका पति सागर सामान्य दिनों की तरह होटल में ड्यूटी कर रहा था और उसने पत्नी की गुमशुदगी की कोई रिपोर्ट भी दर्ज नहीं कराई थी। शक के आधार पर हिरासत में लेकर जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो सागर टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने शव मिलने के एक हफ्ते के भीतर आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है और अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
voice of india
