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कानपुर में उफान पर गंगा: 176 गांवों में हाई अलर्ट, बैराज से छोड़ा गया 2.91 लाख क्यूसेक पानी; NDRF और गोताखोर तैनात

कानपुर उत्तर प्रदेश के कानपुर में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटीय और निचले इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रही जलवृद्धि से निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला व पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। बाढ़ की आशंका वाले करीब 176 गांवों में सतर्कता बढ़ा दी गई है और राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी गई हैं।

कानपुर और शुक्लागंज बैराज पर जलस्तर के ताजा आंकड़े गंगा बैराज और शुक्लागंज में जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। 19 अगस्त सुबह 8 बजे दर्ज आंकड़ों के अनुसार स्थिति इस प्रकार है:

  • कानपुर बैराज अपस्ट्रीम: 113.570 मीटर

  • कानपुर बैराज डाउनस्ट्रीम: 113.420 मीटर

  • कानपुर बैराज चेतावनी स्तर: 114.000 मीटर (खतरे का निशान: 115.000 मीटर)

  • बैराज से डिस्चार्ज: लगभग 2,91,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है

  • शुक्लागंज जलस्तर: 112.180 मीटर (चेतावनी स्तर: 113.000 मीटर, खतरे का निशान: 114.000 मीटर)

  • ऊपरी बैराजों से प्रवाह: हरिद्वार बैराज से 1,18,622 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,15,137 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।

घाटों पर कड़ी पाबंदी और निचले इलाकों से सुरक्षित निकासी पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के अनुसार, गंगा के तटीय क्षेत्रों और निचले कछारी इलाकों पर पैनी नजर रखी जा रही है। किसी भी अनहोनी या हादसे से बचने के लिए सभी प्रमुख घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पूर्व की घटनाओं से सबक लेते हुए नदी तटों को खाली करा लिया गया है। कछार और निचले इलाकों में रह रहे ग्रामीणों को सुरक्षित व निर्धारित आश्रय स्थलों में स्थानांतरित होने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही युवाओं और बच्चों को उफनती नदी के करीब जाने या पानी में उतरने से रोकने के लिए पुलिस लगातार गश्त कर रही है।

35 पुलिस चौकियां और संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित आपदा प्रबंधन को सुचारू रूप से चलाने के लिए रणनीतिक स्थानों पर करीब 35 विशेष पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। किसी भी आपात स्थिति की सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और पुलिस के संयुक्त समन्वय से चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाले आपातकालीन नियंत्रण कक्ष (Emergency Control Rooms) स्थापित किए गए हैं।

NDRF, PAC और प्रशिक्षित गोताखोरों का मोर्चा बाढ़ और राहत कार्यों के लिए मौके पर भारी सुरक्षा बल और बचाव दल तैनात किए गए हैं:

  • एनडीआरएफ: 36 सदस्यीय नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की विशेष टीम मुस्तैद।

  • गोताखोर: लगभग 100 प्रशिक्षित आपदा राहत गोताखोर विभिन्न संवेदनशील प्वाइंट्स पर तैनात।

  • सुरक्षा बल: पीएसी (PAC) की बाढ़ राहत इकाई, होमगार्ड्स और सिविल पुलिस के जवान लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं।

 

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