नई दिल्ली। देश भर के करोड़ों युवाओं और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ‘पेपर लीक माफिया’ पर नकेल कसने की तैयारी पूरी हो चुकी है। नीट-यूजी (NEET-UG) सहित अन्य प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में धांधली को लेकर मचे राष्ट्रव्यापी बवाल के बाद केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 को संसद के पटल पर लाने जा रही है। लोकसभा में इस बहुप्रतीक्षित विधेयक पर बुधवार को विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।
लगातार हो रहे हंगामे और दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित होने के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की कूटनीतिक पहल रंग लाई है। उन्होंने सर्वदलीय बैठक कर सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच संवाद कायम कराया, जिसके बाद सभी दल इस महत्वपूर्ण विधेयक पर गहन चर्चा के लिए सहमत हो गए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने परीक्षा प्रणाली में बुनियादी सुधार और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए इसके लिए छह घंटे का समय तय किया है।
माफियाओं की टूटेगी कमर: 10 साल की कैद और 10 करोड़ का भारी-भरकम जुर्माना
प्रस्तावित संशोधन विधेयक में पेपर लीक, संगठित धोखाधड़ी और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ अब तक के सबसे सख्त कानूनी प्रावधान शामिल किए गए हैं। नए विधेयक के तहत व्यक्तिगत स्तर पर होने वाली धांधली के लिए सजा की अवधि को 5 वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष करने और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। वहीं, अगर अपराध किसी संगठित गिरोह या माफिया द्वारा अंजाम दिया जाता है, तो न्यूनतम सजा 7 वर्ष होगी (जो वर्तमान में 5 वर्ष है) और जुर्माना राशि को बढ़ाकर सीधे 10 करोड़ रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष ‘फास्ट ट्रैक अदालतों’ के गठन की भी बात कही गई है।
युवाओं के भविष्य का सवाल, बहस से न भागें: किरेन रिजिजू
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी दलों से संसद चलने देने और इस राष्ट्रीय महत्व के विषय पर सकारात्मक चर्चा की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार विपक्ष की मांगों को सुनते हुए चर्चा का समय बढ़ाने को भी तैयार है। रिजिजू ने कहा कि देश के लाखों छात्रों और युवाओं के सपनों को सुरक्षा देने के लिए यह विधेयक बेहद जरूरी है। कई विपक्षी सांसदों ने भी संशोधन प्रस्ताव दिए हैं और वे तैयारी के साथ आए हैं, इसलिए सभी दलों को एकजुट होकर इस पर मंथन करना चाहिए।
voice of india
