
कानपुर (बिधनू): उत्तर प्रदेश के कानपुर के बिधनू में एक 11 साल की मासूम के साथ हुई हैवानियत ने रूह कपा दी है। पड़ोस में रहने वाले एक दरिंदे ने मासूमियत का कत्ल करते हुए न केवल उसके साथ दुष्कर्म किया, बल्कि विरोध करने पर उसके नाजुक शरीर को दांतों से जगह-जगह काट लिया। पहचान उजागर होने के डर से आरोपी ने गला दबाकर हत्या कर दी और रात के अंधेरे में शव को खेत में दफना दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है, जबकि उसके दो भाइयों को भी जेल भेजा जा रहा है।
10 रुपये का लालच देकर खंडहरनुमा गोदाम में बुलाया
डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के मुताबिक, दिल दहला देने वाली यह वारदात बिधनू के माधवपुर गांव की है। आरोपी सनी ने मासूम को उस वक्त अपना निशाना बनाया जब वह बकरियां चराने गई थी। सनी ने बच्ची को 20 रुपये देकर नमकीन लाने भेजा और बदले में 10 रुपये उसे खुद रखने को दिए। इसी लालच में बच्ची गांव से थोड़ी दूर स्थित एक बंद पड़े पुराने खाद गोदाम में पहुंच गई। नशे में धुत सनी ने वहां मासूम को दबोच लिया और उसके साथ हैवानियत की।
दांतों से काटा, तड़पा-तड़पा कर मार डाला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस पूछताछ में जो सच सामने आया, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकता है। आरोपी ने बताया कि रेप के दौरान बच्ची ने बचने के लिए काफी संघर्ष किया, जिससे नाराज होकर दरिंदे ने उसके शरीर पर कई जगह दांतों से काट लिया। जब बच्ची ने रोते हुए घर पर बताने की बात कही, तो सनी ने पकड़े जाने के डर से उसका गला घोंट दिया। शाम 6 बजे हत्या करने के बाद आरोपी रात 10 बजे तक शव के पास ही बैठा रहा।
रात 12 बजे जब गांव ढूंढ रहा था, तब आरोपी गाड़ रहा था लाश
सनसनीखेज बात यह है कि जब रात के 12 बजे पूरा गांव और पुलिस मासूम की तलाश में जुटे थे, ठीक उसी वक्त आरोपी सनी एक ट्यूबवेल से फावड़ा चोरी कर घटनास्थल से 200 मीटर दूर खेत में गड्ढा खोदकर लाश को नग्न अवस्था में दफना रहा था। अगले दिन जब परिजनों को मिट्टी खुदी हुई दिखी, तब मासूम का शव बरामद हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब सख्ती से जांच की, तो कड़ियां जुड़ती गईं।
पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी गिरफ्तार, गांव में भारी तनाव
इस जघन्य हत्याकांड के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है। पुलिस ने देर रात एक मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी सनी को गिरफ्तार कर लिया। उसके भाई मनीष और कमल को भी साजिश रचने और साक्ष्य छिपाने के आरोप में जेल भेजा गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली एससी-एसटी आयोग की टीम भी एक सप्ताह के भीतर जांच के लिए कानपुर पहुंच सकती है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या शव को दफनाने में परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल थे।
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