
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अभय सिंह का नाम एक बार फिर अचानक सुर्खियों में आ गया है। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना से ऐन पहले भारत निर्वाचन आयोग ने बड़ा कदम उठाते हुए अभय सिंह को चुनाव पर्यवेक्षक (Election Observer) की जिम्मेदारी से हटा दिया है। आयोग ने उनकी जगह 2009 बैच के आईएएस अधिकारी प्रकाश बिंदु को इस महत्वपूर्ण सीट के पर्यवेक्षक की कमान सौंपी है। मतगणना से ठीक पहले हुए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल के बाद 2019 के बहुचर्चित अवैध खनन घोटाले और उस दौरान हुई सीबीआई की छापेमारी की चर्चाएं एक बार फिर से तेज हो गई हैं।
भाजपा के बागी एमएलसी ने मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजी थी चिट्ठी
अभय सिंह को पर्यवेक्षक बनाए जाने के तुरंत बाद इस नियुक्ति पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए थे। गोरखपुर-फैजाबाद सीट से चुनाव लड़ रहे भाजपा के बागी एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त को औपचारिक शिकायती पत्र भेजा था। अपनी शिकायत में उन्होंने आईएएस अभय सिंह के पिछले रिकॉर्ड और सीबीआई जांच के दायरे में आने का हवाला देते हुए चुनाव की निष्पक्षता और शुचिता पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने मांग की थी कि चुनाव प्रक्रिया को संदेह से परे और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए अभय सिंह को तत्काल प्रभाव से चुनाव प्रेक्षक के दायित्व से मुक्त किया जाए।
क्या था 2019 का कथित अवैध खनन घोटाला और सीबीआई रेड का मामला?
वर्ष 2007 बैच के आईएएस अधिकारी अभय सिंह वर्तमान में उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के सदस्य के पद पर तैनात हैं। अपने प्रशासनिक करियर के दौरान वह फतेहपुर और बुलंदशहर समेत कई अहम जनपदों के जिलाधिकारी (डीएम) रह चुके हैं।
अभय सिंह का नाम वर्ष 2019 में उस वक्त पूरे देश में चर्चा का विषय बना था, जब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने उत्तर प्रदेश में 2012 से 2016 के बीच (सपा शासनकाल में) हुए कथित अवैध खनन घोटाले के सिलसिले में ताबड़तोड़ छापे मारे थे। उस समय अभय सिंह बुलंदशहर के डीएम थे। सीबीआई ने जांच के दायरे को बढ़ाते हुए लखनऊ, फतेहपुर, इलाहाबाद, नोएडा, आजमगढ़, गोरखपुर और देवरिया सहित कई ठिकानों पर दबिश दी थी।
इस छापेमारी की जद में आईएएस बी. चंद्रकला, आईएएस विवेक और आईएएस अभय सिंह आए थे। अभय सिंह पर आरोप था कि फतेहपुर का जिलाधिकारी रहने के दौरान उन्होंने नियमों की अनदेखी कर अवैध खनन पट्टों का आवंटन किया था। जांच के दौरान जब सीबीआई ने बुलंदशहर स्थित उनके आधिकारिक आवास पर छापा मारा, तो वहां से कथित तौर पर करीब 47 लाख रुपये की भारी नकदी बरामद होने की बात सामने आई थी, जिसने खासी सुर्खियां बटोरी थीं।
प्रकाश बिंदु को मिली कमान, निष्पक्ष काउंटिंग की तैयारी
गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर चुनाव पर्यवेक्षक के पद से अभय सिंह को हटाए जाने के बाद आयोग ने 2009 बैच के तेजतर्रार आईएएस अधिकारी प्रकाश बिंदु को तैनात कर दिया है। हालांकि निर्वाचन आयोग के आधिकारिक आदेश में इस फेरबदल के लिए सीधे तौर पर किसी शिकायत का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन प्रशासनिक हलकों में यह तय माना जा रहा है कि चुनावी पारदर्शिता और उम्मीदवारों के एतराज को ध्यान में रखते हुए ही यह कदम उठाया गया है। मतगणना के दिन हुए इस बड़े बदलाव ने चुनाव के पूरे माहौल को और अधिक संवेदनशील व हाई-प्रोफाइल बना दिया है।
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