नई दिल्ली/कोलकाता: भारत के लोकतांत्रिक इतिहास के लिए आज का दिन बेहद निर्णायक है। पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में नई सरकार के गठन के लिए वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हो गई है। पोस्टल बैलट की गिनती के साथ ही जो शुरुआती रुझान सामने आ रहे हैं, उन्होंने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। बंगाल में जहां ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच कांटे की टक्कर है, वहीं असम और तमिलनाडु से भी बड़े संकेत मिल रहे हैं।
बंगाल का रण: भवानीपुर में ममता बनर्जी आगे, नंदीग्राम में कड़ा मुकाबला
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों (गिनती 293 पर) के लिए जारी मतगणना में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से शुरुआती बढ़त बनाए हुए हैं। हालांकि, भाजपा के सुवेंदु अधिकारी उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। बंगाल में इस बार दो चरणों में रिकॉर्डतोड़ 92.47% मतदान हुआ था, जो जनता के भारी उत्साह को दर्शाता है। राज्य में सत्ता विरोधी लहर और ‘ममता के जादू’ के बीच मुकाबला इतना करीबी है कि हर राउंड के साथ आंकड़े बदल रहे हैं।
भाजपा मुख्यालय में जश्न की तैयारी: पक रही हैं ‘जीत की जलेबियां’
चुनाव के नतीजे पूरी तरह आने से पहले ही दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के केंद्रीय कार्यालय में उत्सव जैसा माहौल है। रुझानों में भाजपा को असम और पुडुचेरी में मिलती बढ़त को देखते हुए कार्यकर्ताओं ने सुबह से ही जलेबियां और पकवान बनाने शुरू कर दिए हैं। पार्टी को भरोसा है कि असम में हिमंता बिस्वा सरमा की दोबारा वापसी होगी और बंगाल में भी कमल खिलेगा।
तमिलनाडु में ‘स्टालिन’ का दम: डीएमके प्रवक्ता का बड़ा दावा
तमिलनाडु की 234 सीटों पर जारी गिनती के बीच डीएमके (DMK) के खेमे में भारी उत्साह है। पार्टी प्रवक्ता टी.के.एस. एलंगोवन ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा है कि तमिलनाडु में डीएमके पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी को 40% से अधिक वोट शेयर और अकेले 130-140 सीटें मिलेंगी। शुरुआती रुझानों में भी डीएमके गठबंधन अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन से आगे निकलता दिख रहा है।
असम और केरल: रुझानों में सत्ता की वापसी या बदलाव?
असम की 126 सीटों पर भाजपा 11 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर मजबूत स्थिति में दिख रही है, जबकि बदरुद्दीन अजमल की AIUDF भी कुछ सीटों पर आगे है। केरल की बात करें तो 140 सीटों पर एलडीएफ और यूडीएफ के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा है। केरल में दशकों पुरानी परंपरा (हर 5 साल में सरकार बदलना) इस बार टूटती है या नहीं, इस पर पूरे देश की नजर है। पुडुचेरी की 30 सीटों पर भी एनडीए ने शुरुआती बढ़त के जरिए अपनी दावेदारी मजबूत की है।
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