नई दिल्ली। देश की राजधानी एक बार फिर दोहरे हत्याकांड से दहल उठी है। दिल्ली के बेहद पॉश और सुरक्षित माने जाने वाले चित्तरंजन पार्क (CR Park) इलाके के तारा अपार्टमेंट में शुक्रवार शाम को सरेआम खूनी खेल खेला गया। यहाँ पैसों के मामूली विवाद ने ऐसा उग्र रूप धारण किया कि एक पड़ोसी ने पिता और पुत्र पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और आरोपी वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गया है।
पैसों का लेनदेन और फिर खूनी संघर्ष
मिली जानकारी के मुताबिक, तारा अपार्टमेंट में रहने वाले मृतक परिवार और आरोपी पड़ोसी के बीच काफी समय से पैसों के लेनदेन को लेकर खींचतान चल रही थी। शुक्रवार को इसी बात पर दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हुई। देखते ही देखते बात गाली-गलौज से बढ़कर हाथापाई तक पहुँच गई। गुस्से में पागल आरोपी ने आव देखा न ताव और पास रखे चाकू से पिता-पुत्र पर हमला बोल दिया। आरोपी ने दोनों के शरीर पर कई वार किए और उन्हें खून से लथपथ हालत में छोड़कर वहां से भाग निकला।
पुलिस की गिरफ्त से बाहर है मुख्य आरोपी
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम भारी दलबल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती तफ्तीश में सामने आया है कि हत्या की वजह आर्थिक रंजिश ही है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी धरपकड़ के लिए कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है और चश्मदीदों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
सुल्तानपुरी में भी नाबालिग की चाकू मारकर हत्या
दिल्ली में अपराध का ग्राफ यहीं नहीं रुका। सुल्तानपुरी इलाके से भी एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक नाबालिग लड़के की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। मृतक के भाई मोहित का आरोप है कि रोहन (मृतक) को सोची-समझी साजिश के तहत निशाना बनाया गया। आरोपी ने अपने 3-4 साथियों के साथ मिलकर रोहन को पहले एकांत में बुलाया और फिर उस पर जानलेवा हमला कर दिया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुराने विवाद को नजरअंदाज करना पड़ा भारी
परिजनों का कहना है कि आरोपी ने पहले भी रोहन पर हमला किया था, लेकिन उस समय पुलिसिया कार्रवाई के बजाय समझौते के नाम पर मामले को दबा दिया गया था। स्थानीय निवासी सुनीता ने बताया कि अगर पहले ही सख्त कदम उठाए गए होते, तो आज एक मां की गोद सूनी नहीं होती। फिलहाल पुलिस इन दोनों ही मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है और राजधानी में बढ़ते अपराधों ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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