Saturday , 2 May 2026

‘कॉर्पोरेट जिहाद’ का घिनौना चेहरा: ‘हिंदू लड़कियों को मुस्लिम पसंद…’ कहकर सीनियर ने किया 19 साल की युवती का उत्पीड़न, अब सलाखों के पीछे

मुंबई। महाराष्ट्र के नासिक में स्थित TCS बीपीओ यूनिट में धर्मांतरण और उत्पीड़न का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब आर्थिक राजधानी मुंबई से भी एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक कॉर्पोरेट कंपनी में काम करने वाली 19 वर्षीय हिंदू युवती को उसी के सीनियर द्वारा प्रताड़ित करने और उसे जाल में फंसाने की कोशिश का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। आरोपी ने न केवल मर्यादा की सारी हदें पार कीं, बल्कि युवती पर धर्म को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।

ऑफिस के ग्रुप से निकाला नंबर, फिर शुरू हुआ अश्लीलता का खेल

मामला मुंबई के महालक्ष्मी इलाके का है, जहां पीड़िता एक नामी कॉर्पोरेट कंपनी में थर्ड-पार्टी टेलीकॉलर के तौर पर कार्यरत है। शिकायत के मुताबिक, इसी कंपनी में सीनियर पद पर तैनात अशरफ सिद्दीकी ने कंपनी के ही आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप से युवती का नंबर निकाला। शुरुआत में आरोपी ने मिस कॉल देकर संपर्क साधा। जब युवती ने अनजान नंबर देख नाम पूछा, तो उसने अपनी पहचान उजागर की। इसके बाद शुरू हुआ अश्लील मैसेज और भद्दे कमेंट्स का सिलसिला, जिसने युवती को मानसिक रूप से झकझोर कर रख दिया।

“हिंदू लड़कियों को मुस्लिम लड़के पसंद…” आरोपी की शर्मनाक दलील

पीड़िता ने अग्रीपाडा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई FIR में बताया कि आरोपी अशरफ उस पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए लगातार दबाव डाल रहा था। वह न केवल गंदे मैसेज भेजता था, बल्कि अश्लील तस्वीरें और वीडियो भी साझा करता था। हद तो तब हो गई जब युवती ने अपनी धार्मिक पहचान का हवाला देकर उसे रोकने की कोशिश की। इस पर आरोपी ने बेहद आपत्तिजनक जवाब देते हुए कहा कि “आजकल हिंदू लड़कियों को मुस्लिम लड़के ही ज्यादा पसंद आते हैं।” आरोपी यहीं नहीं रुका, उसने ऑफिस की अन्य महिला सहकर्मियों के लिए भी बेहद अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई, सलाखों के पीछे पहुंचा आरोपी

आरोपी की बढ़ती हरकतों और यौन उत्पीड़न से तंग आकर पीड़िता ने अंततः कानून का सहारा लिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत धारा 354 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अशरफ सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वह पहले भी किसी अन्य युवती को इस तरह अपना निशाना बना चुका है।

क्या है नासिक का TCS कांड जिससे जुड़ रहे हैं तार?

मुंबई की इस घटना ने नासिक के उस बहुचर्चित मामले की यादें ताजा कर दी हैं, जहां TCS की बीपीओ यूनिट में महिलाओं के यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगे थे। नासिक मामले में अब तक 7 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और मास्टरमाइंड कही जाने वाली निदा खान की जमानत याचिका भी कोर्ट ने खारिज कर दी है। महाराष्ट्र सरकार ने नासिक मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच SIT को सौंपी है। अब मुंबई में सामने आए इस नए मामले ने कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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