गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के एम्स थाना क्षेत्र से जालसाजी और ठगी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। महादेव झारखंडी कॉलोनी के रहने वाले रेलवे स्टेशन अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह और उनकी बेटी गरिमा सिंह ने मिलकर एक रेलकर्मी को 1.67 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। पीड़िता की शिकायत के बाद एक्शन में आई एम्स थाना पुलिस ने पिता-पुत्री को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
6 बैंकों से कराया 1.67 करोड़ का लोन, डायरी में मिले अमीरी के सपने
पुलिस की गिरफ्तारी के बाद आरोपी गरिमा सिंह के पास से एक निजी डायरी बरामद हुई है, जिसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। गरिमा ने अपनी डायरी के पन्नों पर खुद के बेहद अमीर होने, अरबों रुपये की मालकिन बनने और लग्जरी गाड़ियों के मालिक होने जैसी बातें लिख रखी थीं। उसने इन सब के लिए भगवान को धन्यवाद भी अदा किया था। पुलिस के मुताबिक, रातों-रात अमीर बनने की इसी सनक में पिता-पुत्री ने जालसाजी के इस बड़े खेल को अंजाम दिया।

कार लोन चुकता करने का दिया झांसा, दस्तावेजों का किया गलत इस्तेमाल
मामले का खुलासा 1 अगस्त को तब हुआ जब पीड़ित रेलकर्मी सत्य प्रकाश सिंह ने एम्स थाने में शिकायत दर्ज कराई। सत्य प्रकाश के अनुसार, स्टेशन अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह ने कार लोन चुकता कराने का वादा करते हुए उनका परिचय अपनी बेटी गरिमा से कराया था।
इसके बाद गरिमा ने सत्य प्रकाश के पर्सनल दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एचडीएफसी (HDFC), एसबीआई (SBI), यस बैंक (YES), आईसीआईसीआई (ICICI), एसएनएफजी (SNFG) और बंधन बैंक से कुल 1.67 करोड़ रुपये का पर्सनल लोन पास करवा लिया। लोन की पूरी रकम में से आरोपियों ने महज 10 लाख रुपये सत्य प्रकाश के खाते में डाले और शुरुआती 3 महीनों तक ईएमआई (EMI) भरी। इसके बाद उन्होंने किश्तें देना पूरी तरह बंद कर दिया और लोन की बाकी रकम हड़प ली।
पुलिसिया जांच में गिरोह का पर्दाफाश, अन्य सहयोगियों की तलाश जारी
एम्स थाना पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर गरिमा सिंह, उनके पिता ध्रुव नारायण सिंह, पति भानु प्रताप सिंह और सहयोगी विशाल, राजेंद्र, चंद्र प्रकाश, दिनकर मनी और संजय के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
एसपी सिटी निमेष पाटिल ने बताया कि आरोपी पिता-पुत्री को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि इस गिरोह ने कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है, जिनकी शिकायतें अब पुलिस तक पहुंच रही हैं। पुलिस फिलहाल गिरोह के अन्य फरार सहयोगियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
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