
अगर आप आने वाले दिनों में नया स्मार्टफोन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय है। मेमोरी और चिपसेट जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे के कारण स्मार्टफोन कंपनियों के मार्जिन पर गहरा दबाव बना है। इसका सीधा असर अब डिवाइसेज की कीमतों पर दिखने लगा है। सैमसंग, वनप्लस, रियलमी, ओप्पो और वीवो जैसी प्रमुख कंपनियों ने अपने चुनिंदा हैंडसेट्स के दाम बढ़ा दिए हैं। यह बढ़ोतरी ऐसे वक्त में हुई है जब स्मार्टफोन बाजार पहले से ही बिक्री में मंदी का सामना कर रहा है।
रियलमी से लेकर सैमसंग तक, 12 हजार रुपये तक महंगे हुए फोन
हालिया आंकड़ों के मुताबिक, 18 अगस्त से रियलमी ने अपने कई मॉडल्स की कीमतों में 1,000 रुपये से लेकर 4,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। ओप्पो की रेनो और ए-सीरीज के फोन 5,000 रुपये तक महंगे हो गए हैं, जबकि वीवो ने भी चुनिंदा मॉडल्स के दाम 500 से 4,000 रुपये तक बढ़ाए हैं। वहीं सैमसंग ने अपनी एस-सीरीज, एम-सीरीज और एफ-सीरीज के स्मार्टफोन्स के दाम बढ़ाए हैं, जिसमें गैलेक्सी एस25 का एक वेरिएंट 12,000 रुपये तक महंगा हुआ है। वनप्लस ने भी चुनिंदा डिवाइसेज की कीमतों में 2,000 से 4,000 रुपये तक का इजाफा किया है। कंपनी के मुताबिक, यह बढ़ोतरी इंडस्ट्री में मेमोरी और अन्य कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत का नतीजा है।
आने वाले महीनों में 7 से 10 फीसदी और बढ़ सकती हैं कीमतें
रिसर्च फर्म्स का मानना है कि स्मार्टफोन की कीमतों में यह उछाल अभी थमने वाला नहीं है। आईडीसी एशिया पैसिफिक के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही के अंत तक मेमोरी की बढ़ती लागत के चलते स्मार्टफोन की औसत कीमतों में पहले ही करीब 15 फीसदी तक की वृद्धि हो चुकी है। यदि कंपोनेंट्स की लागत इसी रफ्तार से बढ़ती रही, तो आने वाले महीनों में फोन के दाम 7 से 10 फीसदी तक और बढ़ सकते हैं। इसका सबसे बड़ा झटका बजट और मिड-रेंज सेगमेंट के ग्राहकों को लगेगा।
डिस्काउंट और सेल का इंतजार कर रहे हैं ग्राहक
काउंटरपॉइंट रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, महंगे होते स्मार्टफोन्स के कारण मांग पर साफ असर पड़ा है। अप्रैल से जुलाई 2026 के दौरान स्मार्टफोन की बिक्री पिछले साल के मुकाबले काफी कम रही। जुलाई में ऑनलाइन सेल्स के दौरान खरीदारी में थोड़ी तेजी जरूर देखी गई, लेकिन सेल खत्म होते ही बाजार में फिर सुस्ती आ गई। अप्रैल से जुलाई के बीच प्रभावित मॉडल्स की कीमतों में औसतन करीब 3,200 रुपये का इजाफा देखा गया, जिससे खरीदार अब डिस्काउंट और प्रमोशनल ऑफर्स पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं।
फेस्टिव सीजन से कंपनियों और ग्राहकों को राहत की उम्मीद
रिसर्च एनालिस्ट्स का मानना है कि आगामी त्योहारी सीजन में कंपनियां आकर्षक बैंक डिस्काउंट, नो-कॉस्ट ईएमआई और एक्सचेंज ऑफर्स के जरिए मांग को रफ्तार देने की कोशिश करेंगी। इससे उन ग्राहकों को राहत मिल सकती है जो फिलहाल दाम घटने या बेहतर ऑफर्स का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, पूरे साल 2026 के दौरान भारतीय स्मार्टफोन बाजार में साल-दर-साल लगभग 13 फीसदी की गिरावट आने का अनुमान है, लेकिन फेस्टिव सीजन के दौरान अपग्रेड्स और नए लॉन्चेज से बाजार को कुछ सहारा मिल सकता है।
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