भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार खिलाड़ी और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक बड़ा फैसला लेते हुए क्रिकेट के सभी प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। 37 वर्षीय दिग्गज खिलाड़ी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए आधिकारिक बयान साझा कर अपने इस अप्रत्याशित फैसले की जानकारी सार्वजनिक की। उनके इस फैसले के साथ ही भारतीय महिला क्रिकेट में एक ऐतिहासिक और सफल कप्तानी युग का अंत हो गया है।
बीसीसीआई की रिव्यू मीटिंग के बाद आया फैसला
हरमनप्रीत कौर का यह इस्तीफा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के साथ हुई एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के ठीक बाद सामने आया है। असम के गुवाहाटी में आयोजित इस महत्वपूर्ण रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने की थी। इस बैठक में भारतीय महिला टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर, उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार व्यक्तिगत रूप से उपस्थित थे। माना जा रहा है कि टीम के भविष्य के रोडमैप और हालिया प्रदर्शन पर गहन मंथन के बाद ही यह कदम उठाया गया।
इंस्टाग्राम पर भावुक पोस्ट: ‘यह फैसला आसान नहीं था’
कप्तानी छोड़ने की घोषणा करते हुए हरमनप्रीत ने एक बेहद भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि कप्तानी को अलविदा कहने का यह फैसला लेना उनके लिए कतई आसान नहीं था, क्योंकि इस सफर से उनकी जिंदगी की अनगिनत यादें, भावनाएं और त्याग जुड़े हुए हैं।
हरमनप्रीत ने आगे कहा कि उन्होंने एक लीडर के तौर पर भारतीय महिला क्रिकेट के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया और उनके लिए व्यक्तिगत प्राथमिकताओं से ऊपर हमेशा टीम का हित रहा। एक कप्तान के तौर पर उन्होंने समय-समय पर कई कड़े और साहसिक फैसले भी लिए, ताकि टीम को वैश्विक स्तर पर और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
‘टीम अब सुरक्षित हाथों में है’
अपने बयान के अंतिम हिस्से में हरमनप्रीत ने दिल की बात रखते हुए लिखा कि वे बेहद भारी मन से यह जिम्मेदारी छोड़ रही हैं, लेकिन उनके भीतर इस बात का गहरा संतोष है कि टीम अब पूरी तरह से सुरक्षित और सक्षम हाथों में है। उन्होंने कहा कि उन्होंने बतौर कप्तान अपना दायित्व पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया है।
हरमनप्रीत ने स्पष्ट किया कि कप्तानी भले ही समाप्त हो रही हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट के प्रति उनका समर्पण और प्रेम हमेशा अटूट रहेगा। उन्होंने अपने करियर के अच्छे और बुरे दौर में मजबूती से साथ खड़े रहने वाले कोच, सपोर्ट स्टाफ, साथी खिलाड़ियों और अपने परिवार का दिल से आभार व्यक्त किया।
ऐसा रहा बतौर कप्तान हरमनप्रीत का शानदार सफर
37 साल की अनुभवी क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर का कप्तानी रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने भारतीय महिला टीम की अगुवाई करते हुए कुल 5 टेस्ट मैच, 51 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) मुकाबले और रिकॉर्ड 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी की। बतौर कप्तान उनका आखिरी यादगार अभियान एशियन गेम्स रहा, जहां उन्होंने अपने शानदार नेतृत्व के दम पर भारतीय महिला टीम को लगातार दूसरा गोल्ड मेडल जिताया।
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