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बजट 2026 की सौगातों की बौछार: कैंसर की दवा से लेकर CNG तक सब सस्ता, इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होंगे लाखों करोड़

Cancer medicine

 

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में देश का बजट पेश करते हुए विकास और राहत का एक नया अध्याय लिखा है। इस बजट में जहां एक तरफ आम आदमी को महंगाई से राहत देने के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए खजाना खोल दिया गया है। सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम पूंजीगत खर्च का लक्ष्य रखा है, जो देश की प्रगति को नई रफ्तार देगा।

आम आदमी की जेब को मिलेगी राहत

इस बजट की सबसे खास बात यह है कि इसमें आम जनता की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया है। वित्त मंत्री ने दवाओं और चिकित्सीय उपकरणों पर सीमा शुल्क घटाने का ऐलान किया, जिससे इलाज का खर्च कम होगा। विशेष रूप से कैंसर से जुड़ी 17 दवाएं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती होने से लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा, सीएनजी और बायोगैस की कीमतों में कटौती की घोषणा ने वाहन मालिकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। साथ ही जूते, कपड़ा निर्यात और बैटरी भी सस्ती होंगी। शराब और बीड़ी पर भी राहत दी गई है।

किसानों और युवाओं पर विशेष ध्यान

सरकार ने तटीय इलाकों के किसानों की आय बढ़ाने के लिए नारियल, काजू और कोको जैसी अधिक मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा देने का फैसला किया है। साथ ही, अखरोट और पाइन नट्स जैसे मेवों की खेती को भी केंद्र सरकार का समर्थन मिलेगा। बजट में छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण देने तथा कमजोर वर्गों को मानसिक स्वास्थ्य की सुविधा देने पर विशेष जोर दिया गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को नई रफ्तार

देश में माल ढुलाई को सुगम बनाने के लिए एक नए मालवाहन कॉरिडोर (डीएफसी) के निर्माण की घोषणा की गई है। तटीय मालवहन को बढ़ावा देने और देश में सी-प्लेन बनाने के लिए भी विशेष योजनाएं लाई जाएंगी। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अरुणाचल, मिजोरम और त्रिपुरा में बुद्ध सर्किट का विकास किया जाएगा, जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मनोरम पहाड़ी ट्रेनें शुरू की जाएंगी। पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए पांच राज्यों में 5000 ई-बसें चलाने का भी ऐलान किया गया है।

शहरों का कायाकल्प और आर्थिक सुधार

सरकार ने देश के मंदिरों वाले शहरों और 2-3 बड़े शहरों के विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए 5000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है। बैंकिंग सिस्टम को और मजबूत बनाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (PFC) और आरईसी का पुनर्गठन होगा। इसके अलावा, कॉर्पोरेट बॉन्ड मार्केट में टोटल रिटर्न स्वैप की शुरुआत की जाएगी और म्यूनिसिपल बॉन्ड के लिए 100 करोड़ रुपये की योजना लाई जाएगी।

मेक इन इंडिया और रोजगार को बड़ा बूस्ट

‘मेक इन इंडिया’ अभियान को गति देते हुए कंटेनर निर्माण के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। तेजी से उभरते एबीजीसी (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) सेक्टर में 20 लाख पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। रचनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए मुंबई में एक भारतीय रचनात्मक केंद्र और पूर्वी भारत में एक नया राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान स्थापित किया जाएगा। हर जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास बनाए जाएंगे।


 

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