
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगामी चुनावी रणनीति का बिगुल फूंक दिया। कार्यकर्ताओं में नया जोश भरते हुए गृह मंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि उत्तर प्रदेश की सियासत में भाजपा ‘अंगद का पैर’ बन चुकी है, जिसे हिला पाना विपक्ष के बस की बात नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे अर्जुन की भांति केवल मछली की आंख पर अपना ध्यान केंद्रित करें और पूर्ण बहुमत की सरकार दोबारा बनाने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं। लगभग चार घंटे तक चली इस उच्चस्तरीय बैठक में शाह ने 2027 के विधानसभा चुनाव की रूपरेखा तय करते हुए पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारियों का स्पष्ट खाका सौंपा।
कारसेवकों पर गोलीबारी का जिक्र कर अखिलेश पर साधा सीधा निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत ही समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर करारे वार के साथ की। 30 अक्टूबर 1990 की ऐतिहासिक घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज ही के दिन तत्कालीन मुलायम सिंह यादव सरकार के दौरान अयोध्या में निहत्थे रामभक्तों और कारसेवकों पर बर्बरतापूर्वक गोलियां बरसाई गई थीं। उस दौर में सरयू का पावन जल रामभक्तों के लहू से लाल हो गया था। शाह ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि अखिलेश यादव एंड कंपनी यह मुगालते में न रहे कि जनता इन जख्मों को भूल जाएगी। रामभक्तों पर गोली चलवाने वालों को प्रदेश और देश की जनता कभी माफ नहीं करने वाली।
2014 और 2017 के चुनावी रिकॉर्ड याद दिलाकर बढ़ाया कार्यकर्ताओं का हौसला
अमित शाह ने उत्तर प्रदेश में भाजपा के ऐतिहासिक उत्थान का ब्योरा प्रस्तुत करते हुए कार्यकर्ताओं के संघर्ष को सराहा। उन्होंने 2014 के आम चुनाव का स्मरण कराते हुए कहा कि उस दौर में यूपी की महज 41 विधानसभाओं में ही पार्टी की स्थिति ठीक थी और निराशा का माहौल था, लेकिन कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम से भाजपा ने 73 लोकसभा सीटें जीतकर इतिहास रच दिया। तत्कालीन सपा सरकार के तमाम प्रशासनिक दबावों और यातनाओं के बावजूद पार्टी को 43 फीसदी जनसमर्थन हासिल हुआ। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव का हवाला देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जब वह राष्ट्रीय अध्यक्ष थे और नोटबंदी का दौर था, तब अखिलेश यादव सोच रहे थे कि भाजपा हार जाएगी। मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए जनता ने 41 फीसदी से अधिक वोट देकर 312 सीटों का प्रचंड जनादेश पार्टी की झोली में डाल दिया।
राहुल गांधी पर तंज: अगले 20 साल तक जीतने वाली नहीं है कांग्रेस
सपा के साथ-साथ गृह मंत्री ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जब से राहुल गांधी सक्रिय राजनीति के केंद्र में आए हैं, तब से कांग्रेस लगातार शिकस्त का सामना कर रही है। राहुल गांधी को खुला संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अगले 20 सालों तक कांग्रेस के जीतने की कोई गुंजाइश नहीं बची है। अमित शाह ने कार्यकर्ताओं को सचेत करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि चुनावी बेला में वह खुद जमीन पर उतरेंगे और हर स्तर पर किए गए कार्यों का पूरा हिसाब-किताब लेंगे, इसलिए सभी कार्यकर्ता अभी से अपना संगठनात्मक बही-खाता दुरुस्त रखें।
विदेशी फंडिंग और भ्रामक प्रचार से सावधान रहें: पंकज चौधरी
बैठक में मौजूद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सजग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को निरंतर आम मतदाताओं के संपर्क में रहना होगा ताकि विपक्षी दुष्प्रचार का तत्काल जवाब दिया जा सके। चौधरी ने अंदेशा जताया कि विदेशी फंडिंग के जरिए जनता में भ्रम और अशांति फैलाने के षड्यंत्र रचे जा रहे हैं, जिसे लेकर संगठन को हर बूथ पर पूरी तरह चौकन्ना रहना होगा। वहीं बैठक में मौजूद सांसद रवि किशन ने अमित शाह को भारतीय राजनीति का आधुनिक चाणक्य करार दिया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री के कदम जिस ओर भी पड़ते हैं, वह भूमि पार्टी के लिए विजय का मार्ग प्रशस्त करती है।
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