Friday , 29 May 2026

बंगाल में बड़ा राजनीतिक धमाका: राज्यपाल ने विधानसभा भंग की, ममता सरकार की शक्तियां खत्म; तमिलनाडु में भी मचा घमासान

कोलकाता/चेन्नई: देश के दो बड़े राज्यों पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में इस वक्त भीषण सियासी भूचाल आया हुआ है। एक तरफ जहां बंगाल में राज्यपाल के एक फैसले ने ममता बनर्जी की सरकार के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर तमिलनाडु में सरकार बनाने की रस्साकशी के बीच गठबंधन के समीकरण पूरी तरह बिखर चुके हैं। बंगाल में राजभवन की सक्रियता और तमिलनाडु में नए राजनीतिक चेहरों के उदय ने देश की सियासत को गरमा दिया है।

बंगाल में राज्यपाल का बड़ा कदम: अब ममता कैबिनेट के पास कोई पावर नहीं

पश्चिम बंगाल की राजनीति में गुरुवार की शाम एक बड़ा उलटफेर लेकर आई। राज्यपाल आरएन रवि ने राज्य विधानसभा को भंग करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। लोकभवन से जारी इस आदेश के बाद अब ममता बनर्जी की कैबिनेट के मंत्रियों के पास कोई संवैधानिक शक्तियां नहीं रह गई हैं। यह कदम तब उठाया गया है जब एक दिन पहले ही ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया था कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। इस फैसले के बाद राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर भी तनाव बढ़ गया है। हावड़ा के शिवपुर में भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प की खबरें आ रही हैं। इससे पूर्व बुधवार रात सुवेंदु अधिकारी के पीए की गोली मारकर हत्या किए जाने से राज्य में सियासी माहौल पहले से ही बेहद तनावपूर्ण था।

तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK पर टिकी नजरें, बहुमत का पेच फंसा

दक्षिण के राज्य तमिलनाडु में भी सियासी ड्रामा अपने चरम पर है। अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कड़गम) को 108 सीटें मिली हैं। राज्यपाल ने विजय से बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों का समर्थन दिखाने को कहा है। हालांकि TVK को कांग्रेस के 5 विधायकों का समर्थन हासिल है, फिर भी जादुई आंकड़े से पार्टी अभी दूर है। इस बीच AIADMK ने अपने 47 में से 28 विधायकों को टूट-फूट के डर से पुडुचेरी शिफ्ट कर दिया है।

DMK और AIADMK के बीच ‘गुप्त’ गठबंधन की चर्चा से हड़कंप

तमिलनाडु की राजनीति में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब कट्टक प्रतिद्वंदी DMK और AIADMK के बीच गठबंधन की खबरें उड़ने लगीं। मीडिया रिपोर्ट्स और बैकचैनल बातचीत के अनुसार, एक ऐसा फॉर्मूला तैयार किया जा रहा है जिसमें AIADMK सरकार बनाए और DMK उसे बाहर से समर्थन दे। यदि ऐसा होता है, तो यह राज्य की राजनीति का अब तक का सबसे बड़ा और अप्रत्याशित गठबंधन होगा। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

कांग्रेस का DMK पर पलटवार: “क्षेत्रीय दलों के जाने से इंडिया ब्लॉक खत्म नहीं होगा”

कांग्रेस नेता उदित राज ने DMK के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नेशनल लेवल पर केवल कांग्रेस ही भाजपा और आरएसएस से लड़ सकती है। उदित राज ने तंज कसते हुए कहा कि पहले भी जेडीयू और शिवसेना जैसे दल गठबंधन से अलग हुए और खत्म हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में कांग्रेस कार्यकर्ता सत्ता में भागीदारी न मिलने से तड़प रहा था। DMK ने कांग्रेस को सरकार का हिस्सा नहीं बनाया, जिसके बाद तमिलनाडु यूनिट ने अलग रास्ता चुना। उन्होंने साफ किया कि अगर DMK साथ नहीं है, तो कांग्रेस के लिए TVK एक विकल्प के रूप में मौजूद है।

राज्यपाल पर उठे सवाल: कपिल सिब्बल ने लगाया समय काटने का आरोप

इस पूरे घटनाक्रम पर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने राज्यपाल की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। सिब्बल का कहना है कि राज्यपाल संवैधानिक प्रक्रिया का पालन करने के बजाय समय निकाल रहे हैं ताकि भाजपा को राजनीतिक समीकरण बदलने का मौका मिल सके। उन्होंने तर्क दिया कि सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए बुलाया जाना चाहिए और बहुमत साबित करने का मौका फ्लोर पर दिया जाना चाहिए। वहीं, VCK नेता एसएस बालाजी ने शर्त रखी है कि वे TVK को तभी समर्थन देंगे जब विजय यह भरोसा दिलाएं कि वे भाजपा या आरएसएस के दबाव में नहीं आएंगे।

BJP नेता दिलीप घोष बोले- TMC राष्ट्रपति शासन का माहौल बना रही

पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हत्या को लेकर BJP ने ममता बनर्जी सरकार और TMC पर तीखा हमला बोला है। BJP नेता दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि राज्य में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, ताकि राष्ट्रपति शासन लागू हो सके।

कोलकाता में दिलीप घोष ने कहा- ममता बनर्जी हारने के बाद भी इस्तीफा नहीं दे रही हैं। हम पहले भी कहते रहे हैं कि बंगाल में ऐसा माहौल बनाया जाएगा ताकि राष्ट्रपति शासन लागू हो। ये सारी घटनाएं साबित करती हैं कि यह सब TMC कर रही है।

उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। जब उनसे पूछा गया कि शपथ लेने के बाद बंगाल सरकार के लिए कानून-व्यवस्था कितनी बड़ी चुनौती होगी, तो उन्होंने कहा कि यह उनके घोषणा पत्र की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

देबाशीष धर ने कहा- 15 साल के जंगलराज को एक दिन में ठीक नहीं किया जा सकता, लेकिन 100 दिनों में इसे सही रास्ते पर लाया जाएगा।

कोलकाता में अखिलेश बोले- इलेक्शन कमीशन मर गया है

पुडुचेरी के रिसॉर्ट में ठहराए गए AIADMK के 28 विधायक

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तमिलनाडु की AIADMK के 28 विधायकों को पुडुचेरी के पूरनकुप्पम स्थित एक निजी रिसॉर्ट में ठहराया गया है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

बताया जा रहा है कि सभी विधायक फिलहाल रिसॉर्ट में मौजूद हैं। हालांकि उन्हें वहां क्यों रखा गया है और पार्टी की आगे की रणनीति क्या होगी, इस पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

तमिलनाडु में हाल के राजनीतिक घटनाक्रम और सरकार गठन की चर्चाओं के बीच इस कदम को अहम माना जा रहा है। राजनीतिक दलों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनी हुई है।

Check Also

IPL 2026 Eliminator SRH vs RR: वैभव सूर्यवंशी के तूफान में उड़ी सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स ने 47 रनों से रौंदकर क्वालिफायर-2 में मारी एंट्री

न्यू चंडीगढ़: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) के नॉकआउट स्टेज का रोमांच अपने चरम पर …