Monday , 15 June 2026

बड़ी खबर: डोनाल्ड ट्रंप का धमाका, अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता! कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट, क्या भारत में भी सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?

नई दिल्ली/वाशिंगटन। जिस ऐतिहासिक शांति समझौते का इंतजार पूरी दुनिया बेसब्री से कर रही थी, आखिरकार उस पर मुहर लग ही गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाले और बड़े फैसले का ऐलान करते हुए बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर अंतिम सहमति बन गई है। ट्रंप की इस ऐतिहासिक घोषणा के तुरंत बाद वैश्विक बाजार में हड़कंप मच गया और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति समझौते की पुष्टि करने के साथ ही दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Hormuz Strait) को तुरंत खोलने का भी बड़ा आदेश दिया है, जिसके बाद तेल कारोबारियों ने बाजार में भारी बिकवाली शुरू कर दी है।

ट्रंप के एक फैसले से धड़ाम हुआ तेल बाजार, ब्रेंट क्रूड 3.5% टूटा

राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान के साथ शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने के ऐलान का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर तुरंत देखने को मिला। सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही ब्रेंट क्रूड की कीमतें 3.5 प्रतिशत से अधिक टूटकर 83.48 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गईं। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी लगभग 5 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 80.61 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। इस बड़ी गिरावट से वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

ट्रंप का ट्रुथ सोशल पर पोस्ट: ‘अपने जहाजों के इंजन चालू करो, तेल बहने दो’

ईरान के साथ हुए इस ऐतिहासिक समझौते की आधिकारिक जानकारी खुद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के जरिए साझा की। ट्रंप ने लिखा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो चुकी है। सभी को बहुत-बहुत बधाई! मैं हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के तुरंत खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं। इसके साथ ही, अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी करता हूं। दुनिया भर के जहाजों, अपने इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह अब शुरू होने दो!” ट्रंप के इस अंदाज ने साफ कर दिया है कि अब वैश्विक व्यापारिक मार्ग पूरी तरह से सुरक्षित और चालू है।

युद्ध के बाद $120 तक पहुंच गया था क्रूड, हॉर्मुज खुलने से मिलेगी बड़ी राहत

गौरतलब है कि इसी साल फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई थी। इस तनाव से पहले जो ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास घूम रहा था, वह युद्ध शुरू होने के बाद रिकॉर्ड $120 प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया था। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में तनाव के कारण दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पूरी तरह बंद कर दिया गया था, जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। अब इसके दोबारा खुलने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) फिर से सामान्य हो जाएगी और भारत सहित एशियाई देशों को खाड़ी क्षेत्र से तेल का आयात करना बेहद आसान हो जाएगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में गिरावट की सबसे बड़ी वजह हॉर्मुज स्ट्रेट का खुलना ही है, साथ ही ओपेक (OPEC) द्वारा जुलाई से उत्पादन कोटा बढ़ाने के फैसले ने भी इस गिरावट को हवा दी है।

भारत में आम जनता को बड़ी उम्मीद: क्या सस्ते होंगे पेट्रोल, डीजल और LPG के दाम?

पिछले काफी समय से कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 से 115 डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर टिकी हुई थीं। इस वजह से भारत समेत पूरी दुनिया में पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर के दाम आसमान छू रहे थे। हालांकि, बीते कुछ दिनों से कीमतें घटकर 90 डॉलर से नीचे आई थीं, लेकिन इस ताजा शांति समझौते और समुद्री मार्ग खुलने की खबर ने गिरावट की रफ्तार को दोगुना कर दिया है। कच्चे तेल के $80 के करीब पहुंचने के बाद अब भारतीय उपभोक्ताओं में यह उम्मीद काफी बढ़ गई है कि आने वाले दिनों में देश की तेल कंपनियां पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में बड़ी कटौती कर आम जनता को महंगाई से बड़ी राहत दे सकती हैं।

 

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