नई दिल्ली: केंद्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुलाए गए ‘भारत बंद’ का असर गुरुवार को देशभर में व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है। पुरानी पेंशन बहाली, निजीकरण के विरोध और न्यूनतम मजदूरी जैसे मुद्दों को लेकर ट्रेड यूनियनों ने आज चक्का जाम कर दिया है। इस हड़ताल का सर्वाधिक असर परिवहन, बैंकिंग और डाक सेवाओं पर पड़ा है। गैर-भाजपा शासित राज्यों में जहां जनजीवन पूरी तरह प्रभावित दिखा, वहीं अन्य राज्यों में इसका मिला-जुला असर देखने को मिला।
पंजाब-हरियाणा में चक्का जाम, राजस्थान बॉर्डर पर बढ़ी मुश्किलें
हड़ताल का सबसे तीखा केंद्र पंजाब बना हुआ है। सरकारी परिवहन सेवा (PRTC) पूरी तरह ठप होने के कारण लुधियाना, अमृतसर और पटियाला जैसे बड़े शहरों के बस अड्डों पर सन्नाटा छाया रहा। हरियाणा और राजस्थान की सीमाओं पर भी बसों की आवाजाही प्रभावित हुई है। पंजाब रोडवेज की बसें सीमा पार नहीं कर रही हैं, जिससे दिल्ली-अमृतसर रूट पर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। निजी टैक्सी चालक यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर मनमाना किराया वसूलते देखे गए।
दिल्ली-NCR में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, बॉर्डर पर पुलिस का पहरा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों द्वारा मुख्यमंत्री आवास के घेराव की चेतावनी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बढ़ा दी है। अंतरराज्यीय बसें कम चलने के कारण रेलवे स्टेशनों पर अचानक भीड़ बढ़ गई है। एनसीआर के इलाकों में ट्रैफिक की गति धीमी होने से दफ्तर जाने वाले लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ा।
यूपी-बिहार और एमपी में बैंकिंग-डाक सेवाओं पर चोट
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों और बिहार की राजधानी पटना में वामपंथी संगठनों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। पटना के डाक बंगला चौराहे पर सैकड़ों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के ‘मजदूर विरोधी’ कानूनों के खिलाफ नारेबाजी की। मध्य प्रदेश में भी बैंक, बीएसएनएल, बीमा और डाक विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से करोड़ों का लेनदेन प्रभावित हुआ है। हालांकि, सभी राज्यों में रेलवे सेवाओं को सुचारू रखा गया है।
कर्नाटक में टैक्सी-ऑटो का समर्थन, केरल में ‘नो वर्क-नो पे’ लागू
दक्षिण भारत की बात करें तो बेंगलुरु में ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने बंद को समर्थन दिया, लेकिन सेवाएं पूरी तरह बंद नहीं कीं। वहीं, केरल की एलडीएफ सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि जो भी हड़ताल में शामिल होगा, उसका वेतन काटा जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बंद के दौरान ‘नो वर्क-नो पे’ का नियम कड़ाई से लागू होगा।
राहुल गांधी का सरकार पर प्रहार: “मजदूर-किसान के संघर्ष के साथ हूँ”
भारत बंद के समर्थन में उतरे सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है। राहुल ने कहा, “मजदूरों को श्रम संहिताओं से अपने अधिकारों के खत्म होने का डर है, वहीं किसान अपनी आजीविका को लेकर आशंकित हैं। मनरेगा को कमजोर किया जा रहा है।” उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार अब इन आवाजों को सुनेगी या उन्हें नजरअंदाज करती रहेगी। राहुल ने स्पष्ट किया कि वे इस संघर्ष में किसानों और मजदूरों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
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