जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे का एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए। यह वीडियो उस भयावह मंजर की गवाही दे रहा है जब क्रूज के भीतर अचानक मौत बनकर पानी भरने लगा था। वीडियो में सिस्टम की लापरवाही और उस वक्त मची चीख-पुकार साफ सुनाई दे रही है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
जब लहरों के बीच ‘कश्ती’ बनी काल: वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि क्रूज में बड़ी संख्या में पर्यटक सवार थे। अचानक तेज लहरों के बीच क्रूज का संतुलन बिगड़ा और पानी अंदर घुसने लगा। देखते ही देखते क्रूज के फर्श पर घुटनों तक पानी भर गया। वीडियो में पर्यटकों के चेहरों पर मौत का डर साफ देखा जा सकता है। क्रूज के कर्मचारी घबराहट में लाइफ जैकेट के बंडल खोलते नजर आ रहे हैं, लेकिन तब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे और मदद के लिए गुहार लगा रहे थे।
MP : जबलपुर के बरगी डेम में क्रूज के डूबने के दौरान मची अफरातफरी का Video, क्रूज पर कई लोगों ने नहीँ पहनी थी Life Jacket
क्रूज में भर गया था पानी तब खोला जा रहा था Life Jacket का पैकेट
अब तक 9 के शव हो चुके हैं बरामद, 4 अभी भी लापता@news24tvchannel pic.twitter.com/dugIVrAzKv
— Vipin Shrivastava (@JournalistVipin) May 1, 2026
तूफानी लहरों ने पलटा क्रूज, 30 जिंदगियां दांव पर
हादसे के वक्त मौसम बेहद खराब था। तेज तूफान के कारण जलाशय में उठी ऊंची लहरों ने क्रूज को खिलौने की तरह हिलाकर रख दिया। संतुलन बिगड़ते ही क्रूज पलट गया और देखते ही देखते करीब 30 पर्यटक गहरे पानी की आगोश में समा गए। गनीमत यह रही कि सूचना मिलते ही एसडीआरएफ (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और बेहद चुनौतीपूर्ण हालातों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लोगों की जान बचाई।
सरकार का चाबुक: पायलट समेत तीन कर्मचारी सेवा से बर्खास्त
इस मामले में मचे बवाल और वायरल वीडियो के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए क्रूज के पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर इंचार्ज बृजेंद्र को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। प्राथमिक जांच में पाया गया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और आपातकालीन स्थिति को संभालने में भारी चूक हुई थी। प्रशासन ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
इस हादसे ने जलाशय में पर्यटन संचालित करने वाली एजेंसियों की लापरवाही की पोल खोल दी है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या क्रूज की क्षमता से अधिक लोग सवार थे? और क्या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम पहले से नहीं किए गए थे? फिलहाल, पूरे क्षेत्र में क्रूज संचालन को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी करने की तैयारी की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो।
voice of india
