छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र)। NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से भी अधिक समय तक चले छात्र आंदोलन के समाप्त होने के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर पहुंच गए हैं। घर वापसी के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए दिपके ने केंद्र सरकार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा राजनीतिक हमला बोला।
‘संसद चलो’ मार्च पर पुलिस बल प्रयोग का आरोप, अमित शाह से मांगा इस्तीफा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मांग का समर्थन करते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि 20 जुलाई को निकाले गए ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस बल प्रयोग करने का आदेश गृह मंत्री अमित शाह की ओर से ही दिया गया होगा। दिपके ने गृह मंत्री से तुरंत इस्तीफे की मांग करते हुए कहा, “अगर सरकार यह दावा करती है कि छात्रों के इस आंदोलन को बाहर से फंडिंग मिल रही थी, तो यह खुद अमित शाह की विफलता है। फिर वे किस बात के ‘चाणक्य’ कहलाते हैं?” उन्होंने देश में लोकतंत्र को खतरे में बताते हुए संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर भी गंभीर सवाल उठाए।
‘लोकतंत्र बचाना केवल विपक्ष की जिम्मेदारी नहीं’
देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर चिंता जताते हुए दिपके ने कहा कि आज न्यायपालिका तक पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिस प्रकार केंद्रीय जांच एजेंसियों (ED और CBI) का इस्तेमाल राजनीतिक दलों को तोड़ने के लिए किया गया, उससे साफ है कि देश की बड़ी संस्थाएं तानाशाही रोकने में नाकाम रही हैं। उन्होंने कहा कि अब लोकतंत्र को बचाने के लिए केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि आम जनता को भी खुद आगे आना होगा।
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी और बाबा रामदेव पर तीखी टिप्पणी
धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर प्रल्हाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर दिपके ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने एक के बाद एक गलत फैसले लिए हैं और उनकी पार्टी में अपराधियों को संरक्षण दिया जाता है। वहीं, योग गुरु बाबा रामदेव द्वारा ‘Gen Z’ (युवा पीढ़ी) पर भारतीय संस्कृति को बदनाम करने के आरोपों का जवाब देते हुए दिपके ने कहा, “हमने महात्मा गांधी और बाबा साहेब अंबेडकर की तस्वीरों के साथ पूर्णतः संवैधानिक तरीके से लड़ाई लड़ी है। बाबा रामदेव को युवाओं की चिंता करने के बजाय पतंजलि पर ध्यान देना चाहिए, वरना उनका बिजनेस ठप हो जाएगा।”
दिल्ली पुलिस पर साजिश रचने का गंभीर आरोप
अभिजीत दिपके ने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि 19 और 20 जुलाई की सुबह जंतर-मंतर के आसपास जानबूझकर पत्थरों से भरे ट्रक पहुंचाए गए थे, ताकि प्रदर्शनकारी छात्रों को पथराव के झूठे मुकदमों में फंसाया जा सके। उन्होंने पुलिस को नसीहत देते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों को किसी राजनीतिक दल के निर्देशों या वॉट्सऐप फॉरवर्ड पर काम करने के बजाय देश के संविधान का पालन करना चाहिए।
किसानों के आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान
दिपके ने स्पष्ट किया कि यदि आगामी दिनों में किसान अपने विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनकी पार्टी से मदद मांगेंगे, तो सीजेपी उनका पूरा समर्थन करेगी। उन्होंने कहा, “मैं खुद एक किसान परिवार से आता हूं और हमारे आंदोलन में भी किसान हमारे साथ खड़े रहे थे। किसान अपने बच्चों का भविष्य उज्ज्वल देखना चाहते हैं, इसलिए जहां भी उन्हें हमारी जरूरत होगी, हम उनके साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।”
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