Thursday , 28 May 2026

“यह ‘गोरी चमड़ी वाला’ कौन होता है जो वहां बैठकर हमें हुक्म देगा? US ट्रेड डील को लेकर लोकसभा में भड़के ओवैसी

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नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को लोकसभा का नजारा किसी युद्धक्षेत्र जैसा नजर आया। भारत-अमेरिका के बीच हुई अंतरिम ट्रेड डील को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच ऐसी रार छिड़ी कि सदन की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा। लेकिन इस पूरे हंगामे के केंद्र में रहे AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, जिन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक कार्यकारी आदेश (Executive Order) को लेकर केंद्र सरकार और अमेरिका दोनों पर तीखा प्रहार किया।

ट्रंप के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर ओवैसी का ‘रुद्र रूप’

हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने चर्चा के दौरान उस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर का मुद्दा उठाया, जिसमें रूस से तेल खरीदने पर भारत पर 25% टैरिफ लगाने की धमकी दी गई है। ओवैसी ने बेहद सख्त लहजे में कहा, “यह ‘गोरी चमड़ी वाला’ कौन होता है जो वहां बैठकर हमें हुक्म देगा? क्या हमने आजादी इसीलिए पाई थी कि सात समंदर पार बैठा कोई व्यक्ति हमें बताए कि हमें क्या करना है?” उन्होंने सीधे लहजे में सवाल किया कि हम जिससे चाहें तेल खरीदें, इसमें अमेरिका को दखल देने का क्या हक है? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा, “तुम मेरे माय-बाप हो क्या?”

‘आत्मसम्मान कहां है?’ सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल

ओवैसी ने केवल अमेरिका को ही नहीं कोसा, बल्कि केंद्र सरकार के ढुलमुल रवैये पर भी गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने याद दिलाया कि 2019 में अमेरिका के कहने पर ईरान से तेल न खरीदना एक बड़ी रणनीतिक चूक थी। ओवैसी ने कहा, “आज अमेरिका कह रहा है कि मोनोपोली रेट पर तेल लो। यह बेहद दुखद है कि इतनी बड़ी धमकी के बाद भी सरकार चुप है। हम इस ‘गोरी चमड़ी वाले’ के सामने इतना क्यों झुक रहे हैं? हमारा आत्मसम्मान कहां चला गया है?”

क्या है वह धारा 4 जिससे भड़का विवाद?

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 6 फरवरी को एक कार्यकारी आदेश जारी किया है। इसके ‘सेक्शन 4’ में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि भारत प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रूस से कच्चा तेल आयात करता है, तो अमेरिका भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ थोप देगा। ओवैसी ने इसे भारत की संप्रभुता पर सीधा हमला करार दिया। हालांकि, विपक्ष के इन तीखे हमलों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी मोर्चा संभाला और सरकार का पक्ष रखते हुए ट्रेड डील की बारीकियों पर जवाब दिया। फिलहाल, ओवैसी के ‘गोरी चमड़ी’ वाले बयान ने सियासी गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।

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