Wednesday , 4 November 2026

मिडिल ईस्ट संघर्ष की आग में झुलसा भारतीय मालवाहक जहाज, ओमान तट के पास हवाई हमले में गुजरात के नाविक की मौत; 13 क्रू मेंबर्स सुरक्षित निकाले गए

ओमान तट पर अज्ञात हवाई वस्तु ने बनाया निशाना

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में भड़का भीषण युद्ध अब भारतीय नागरिकों और समुद्री व्यापार के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। ओमान के समुद्री तट के करीब एक भारतीय मालवाहक जहाज पर हुए संदिग्ध हवाई हमले में एक भारतीय नाविक की दर्दनाक मौत हो गई। 3 नवंबर को सामने आए इस घटनाक्रम की जानकारी केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दी। उन्होंने बताया कि यह हमला 2 नवंबर को उस समय हुआ, जब जहाज ओमान के तट से होकर गुजर रहा था। पोत पर एक ‘अज्ञात हवाई वस्तु’ (संभावित ड्रोन या मिसाइल) से सीधा प्रहार किया गया, जिससे जोरदार धमाका हुआ और गंभीर रूप से घायल होने के चलते गुजरात निवासी नाविक गंधार नाहिम अजीज ने दम तोड़ दिया।

UAE से गुजरात लौट रहा था ‘अल जुसुफी’ पोत निशाना बना यह मालवाहक जहाज गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले के सलाया कस्बे का है, जिसका नाम ‘MSV अल जुसुफी’ है। यह पोत संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के हमरियाह बंदरगाह से आवश्यक सामान लादकर गुजरात के पोरबंदर बंदरगाह के लिए निकला था। जहाज पर कुल 14 भारतीय नाविक सवार थे। रास्ते में अचानक हुए विस्फोटक हवाई हमले के बाद अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही ओमान के कोस्ट गार्ड ने त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और जहाज पर मौजूद बाकी 13 भारतीय सदस्यों को सकुशल सुरक्षित निकाल लिया।

पार्थिव शरीर वतन लाने और राहत के प्रयास तेज केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस दुखद क्षति पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि ओमान के तटरक्षकों ने 13 चालक दल सदस्यों को बचा लिया है, लेकिन नाविक गंधार नाहिम अजीज के निधन की खबर अत्यंत पीड़ादायक है। भारत सरकार और ओमान की राजधानी मस्कट स्थित भारतीय दूतावास लगातार वहां के स्थानीय प्रशासन और तटरक्षकों के संपर्क में हैं। संकटग्रस्त जहाज से बचाए गए सभी 13 भारतीय नाविकों को हरसंभव चिकित्सा एवं राजनयिक मदद मुहैया कराई जा रही है, साथ ही दिवंगत नाविक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके गृह राज्य गुजरात लाने की औपचारिक प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है।

समुद्री व्यापार पर गहराता संकट और बढ़ता आंकड़ा मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिसकी भारी कीमत निर्दोष समुद्री कर्मियों को चुकानी पड़ रही है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अपनी पाक्षिक प्रेस ब्रीफिंग में इस संकट पर गंभीर चिंता जताते हुए स्पष्ट किया कि युद्धग्रस्त क्षेत्र में अब तक 14 नाविकों सहित कुल 22 भारतीय नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं। सरकार इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर बनाए हुए है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर कार्यरत भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

 

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