
वाशिंगटन। भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डंडिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट के चुनाव में शानदार जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने कड़े मुकाबले में रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत उम्मीदवार केसी असकर को मात दी। अंतिम चुनावी आंकड़ों के मुताबिक पिया डंडिया को करीब 51.9 फीसदी वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी केसी असकर 48.1 प्रतिशत मतों पर ही सिमट गए। पाम बीच काउंटी में जन्मीं और पली-बढ़ीं 36 वर्षीय पिया डंडिया ने अपने चुनाव अभियान में बुनियादी शिक्षा, आम जनता के दैनिक खर्चों और सरकारी तंत्र में पारदर्शिता को केंद्र में रखा। शिक्षिका, स्कूल प्रिंसिपल, व्हाइट हाउस फेलो और प्रशासनिक अधिकारी के रूप में मिले व्यापक अनुभवों ने उन्हें चुनावी राजनीति में उतरने की प्रेरणा दी।
28 साल की उम्र में खोला स्कूल, एप्पल में भी निभा चुकी हैं अहम भूमिका
भारतीय मूल के माता-पिता की संतान पिया डंडिया की शैक्षणिक और पेशेवर पृष्ठभूमि बेहद प्रभावशाली रही है। प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा के दौरान उन्होंने भारत की झुग्गी-झोपड़ियों (स्लम बस्तियों) में रहने वाले जरूरतमंद बच्चों के साथ जमीनी स्तर पर काम किया। इसी अनुभव ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित करने के लिए प्रेरित किया। महज 28 वर्ष की आयु में उन्होंने न्यूयॉर्क के ऐतिहासिक हार्लेम इलाके में एक आधुनिक हाई स्कूल की स्थापना की और उसकी प्रिंसिपल की जिम्मेदारी संभाली। उनकी बेहतरीन कार्यप्रणाली का ही नतीजा रहा कि उनके स्कूल के 100 फीसदी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए कॉलेजों में दाखिला मिला। शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के अलावा वे व्हाइट हाउस फेलो रह चुकी हैं और दिग्गज टेक कंपनी एप्पल में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
एआई युग में आधुनिक शिक्षा, महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ बुलंद की आवाज
पिया डंडिया ने अपने पूरे चुनावी प्रचार को आम जनता से जुड़े बुनियादी सवालों पर केंद्रित रखा। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उभरते दौर में बच्चों की स्कूली पढ़ाई, गणितीय कौशल और डिजिटल साक्षरता को विश्वस्तरीय बनाने का खाका पेश किया। इसके साथ ही मध्यम वर्ग पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने, आम लोगों के रहन-सहन के खर्चों (कॉस्ट ऑफ लिविंग) को घटाने तथा स्वास्थ्य सेवाओं और सोशल सिक्योरिटी योजनाओं के संरक्षण का मजबूत भरोसा दिया। उन्होंने वाशिंगटन डीसी की सत्ता में राजनीतिक जवाबदेही तय करने और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाने को अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल किया।
‘छात्रों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य के लिए संसद पहुंची हूं’
अपनी ऐतिहासिक जीत के संदर्भ में पिया डंडिया का रुख बेहद स्पष्ट रहा है। सीबीएस मियामी के लोकप्रिय शो ‘फेसिंग साउथ फ्लोरिडा’ में वरिष्ठ पत्रकार जिम डीफेडे के साथ विशेष बातचीत में उन्होंने कहा था कि वे संसद का चुनाव इसलिए लड़ रही हैं ताकि अपने छात्रों और अपने तीन साल के बेटे के लिए एक बेहतर व सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आज अमेरिकी राजनीति को ऐसे युवा व दूरदर्शी नेतृत्व की जरूरत है जो निरर्थक बयानबाजी के बजाय ठोस कानून बनाने और दीर्घकालिक नीतियों को लागू करने पर ध्यान दे सके। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि एक पूर्व हाई स्कूल प्रिंसिपल के रूप में वे बेतुकी बातों को नकारने और वास्तविक जनहित के मुद्दों पर अडिग रहने का हुनर बखूबी जानती हैं।
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