Sunday , 1 November 2026

कानपुर के लिए ऐतिहासिक सौगात: नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में शामिल हुआ शहर, दिल्ली से दूरी सिर्फ 1 घंटे 45 मिनट में होगी तय

उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले कानपुर के निवासियों का बहुप्रतीक्षित सपना आखिरकार पूरा हो गया है। देश के हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन नेटवर्क में अब कानपुर भी एक प्रमुख पड़ाव के रूप में शामिल हो चुका है। सांसद रमेश अवस्थी के निरंतर प्रयासों और प्रभावी पैरवी के बाद केंद्र सरकार ने शहरवासियों को नए साल की अग्रिम सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतिम स्वीकृति के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नॉर्दर्न बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में कानपुर को आधिकारिक रूप से शामिल करने का बड़ा ऐलान किया है। इस ऐतिहासिक फैसले के साथ ही उत्तर भारत के इस प्रमुख औद्योगिक महानगर के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीदें परवान चढ़ गई हैं।

दिल्ली से आगरा, कानपुर और अयोध्या होते हुए गुवाहाटी तक दौड़ेगी बुलेट ट्रेन

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के रूट की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि बुलेट ट्रेन देश की राजधानी दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ और प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या होते हुए वाराणसी, पटना और आगे पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार गुवाहाटी तक जाएगी।

रेल मंत्री ने परियोजना की अहमियत बताते हुए कहा कि आधुनिक हाई-स्पीड ट्रैक तैयार होने के बाद दिल्ली से कानपुर के बीच की दूरी महज 1 घंटा 45 मिनट में तय कर ली जाएगी। इस तेज रफ्तार आवागमन से दैनिक यात्रियों, कारोबारियों और छात्रों के समय की भारी बचत होगी।

‘दिल्ली से कानपुर आइए, ठग्गू के लड्डू खाइए और लौट जाइए’: रेल मंत्री का दिलचस्प अंदाज

बुलेट ट्रेन रूट का ऐलान करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का एक अलग और रोचक अंदाज देखने को मिला। उन्होंने कानपुर की विश्व प्रसिद्ध मिठाई ‘ठग्गू के लड्डू’ का खास तौर पर जिक्र किया। रेल मंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि अब वह दिन दूर नहीं जब दिल्ली का कोई भी व्यक्ति बुलेट ट्रेन में बैठकर महज 1 घंटे 45 मिनट में कानपुर पहुंचेगा, वहां प्रसिद्ध ठग्गू के लड्डू का स्वाद चखेगा और उसी दिन काम निपटाकर वापस दिल्ली लौट जाएगा। रेल मंत्री की इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर भी कानपुर के खानपान और सांस्कृतिक पहचान को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

शुरुआती प्रस्ताव में नहीं था नाम, सांसद रमेश अवस्थी की मजबूत पैरवी लाई रंग

गौरतलब है कि परियोजना के प्रारंभिक खाके में कानपुर को बुलेट ट्रेन नेटवर्क में जोड़ने को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी। कानपुर के औद्योगिक, व्यापारिक और आर्थिक कद को देखते हुए स्थानीय सांसद रमेश अवस्थी ने संसद सत्र के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से व्यक्तिगत मुलाकात की और शहर का पक्ष बेहद मजबूती के साथ रखा। उन्होंने संसद और मंत्रालय के सामने तर्क प्रस्तुत किया कि उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र होने के नाते कानपुर को इस महत्वाकांक्षी परियोजना से दूर रखना उचित नहीं होगा। उनके इस पुरजोर प्रयास के बाद ही कॉरिडोर के एलाइनमेंट में कानपुर को प्रमुख स्टेशन के रूप में स्वीकृति दी गई।

उद्योग, निवेश और रोजगार को मिलेगी अभूतपूर्व गति

कानपुर को बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़े जाने पर सांसद रमेश अवस्थी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि यह फैसला कानपुर के समग्र आर्थिक उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी मिलने से शहर के लेदर, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और एमएसएमई उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) से सीधी और तेज कनेक्टिविटी बनने से कानपुर में बाहरी निवेश, उच्च शिक्षा के नए अवसर, हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन को व्यापक बढ़ावा मिलेगा, जिससे शहर का विकास अब सरपट दौड़ेगा।

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