
समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। रामपुर जिला जेल से रिहाई के महज 24 घंटे के भीतर ही उन्हें एक बार फिर सलाखों के पीछे जाना पड़ा है। रविवार को गाजियाबाद स्थित प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) की विशेष सीबीआई अदालत ने आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। कोर्ट के इस आदेश के बाद अब उन्हें रामपुर के बजाय गाजियाबाद की हाई-सिक्योरिटी डासना जिला जेल में रखा जाएगा।
100 से अधिक जवानों का पहरा और 5 गाड़ियों का काफिला
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रविवार सुबह करीब 10:30 बजे आजम खान को लेकर गाजियाबाद स्थित भ्रष्टाचार निरोधक सीबीआई अदालत पहुंची। विशेष न्यायाधीश अवनीश कुमार पांडे की अदालत में पेशी के दौरान सुरक्षा के बेहद पुख्ता इंतजाम किए गए थे। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और उत्तर प्रदेश पुलिस के 100 से अधिक सशस्त्र जवान सुरक्षा घेरा बनाए हुए थे। जब आजम खान को अदालत परिसर लाया गया, तो उन्होंने गाड़ी का शीशा नीचे कर पत्रकारों के सवाल पर बेहद मायूस लहजे में बस इतना कहा, “अब क्या रह गया है बोलने को?”
अदालत में 90 मिनट तक चली तीखी बहस
विशेष अदालत में मामले की सुनवाई लगभग 90 मिनट तक चली। इस दौरान ईडी की तरफ से विशेष वकील कुलदीप श्रीवास्तव ने जोरदार दलीलें पेश कीं। कोर्ट रूम में ईडी के डिप्टी डायरेक्टर पीयूष थोरात और असिस्टेंट डायरेक्टर प्रवीण कुमार भी मौजूद रहे। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि साल 2019 में आजम खान के खिलाफ दर्ज 26 प्राथमिकियों के आधार पर 1 अगस्त 2019 को PMLA के तहत ECIR/07/LKZO/2019 दर्ज की गई थी, जिसकी जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है।
494 करोड़ रुपये के हिसाब-किताब में हेरफेर का आरोप
जांच एजेंसी के मुताबिक यह पूरा मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, जौहर ट्रस्ट और उससे जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं, सरकारी धन के गबन व मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित है। इससे पहले 13 अक्टूबर को ईडी के अधिकारियों ने रामपुर जेल जाकर भी उनसे गहन पूछताछ की थी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि लगभग 494 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि का कोई स्पष्ट वित्तीय हिसाब-किताब नहीं मिल रहा है। इसके बाद एजेंसी ने जौहर ट्रस्ट और आजम खान के खिलाफ शिकंजा और कस दिया।
रिहाई के चंद मिनटों बाद ही ईडी ने लिया था कस्टडी में
गौरतलब है कि शनिवार को रामपुर जिला जेल से दोहरे पैन कार्ड (Double PAN Card) से जुड़े मामले में जमानत मिलने के बाद आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ बाहर निकले थे। लेकिन मुख्य गेट पर कदम रखते ही लखनऊ से आई ईडी की टीम ने उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया, जबकि उनके बेटे अब्दुल्ला को जाने दिया गया। कस्टडी में लिए जाते वक्त सपा नेता काफी भावुक और आक्रोशित नजर आए। उन्होंने व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून का अस्तित्व खत्म हो चुका है और उन्हें शिक्षा का संस्थान खड़ा करने तथा एक खास पहचान के चलते निशाना बनाया जा रहा है।
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