
उत्तर प्रदेश की बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन सीट पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी डॉ. हरी सिंह ढिल्लो ने लगातार दूसरी बार परचम लहराकर नया सियासी रिकॉर्ड बना दिया है। डॉ. ढिल्लो न केवल अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे, बल्कि उन्होंने इस बार अपने मत प्रतिशत में जोरदार इजाफा भी दर्ज कराया। समाजवादी पार्टी इस चुनाव में अपनी साख नहीं बचा सकी और उसके प्रत्याशी को वर्ष 2020 के मुकाबले भी कम मत मिले। वहीं दूसरी तरफ, डॉ. हरी सिंह ढिल्लो की जीत का अंतर पिछले चुनाव की तुलना में दोगुने से भी अधिक हो गया।
पांच चरणों में ढिल्लो का एकतरफा दबदबा, 17,676 वोटों के भारी अंतर से दर्ज की जीतपांच चक्रों में पूरी हुई मतगणना में डॉ. हरी सिंह ढिल्लो पहले चरण से ही अपने प्रतिद्वंद्वियों पर मजबूत बढ़त बनाए रहे। वर्ष 2020 के चुनाव में वे 7,960 मतों के अंतर से विजयी हुए थे, लेकिन इस बार उन्होंने 17,676 वोटों के विशाल अंतर से जीत दर्ज कर विरोधियों को मुकाबले से पूरी तरह बाहर कर दिया। पांचवें राउंड की गिनती पूरी होने तक डॉ. ढिल्लो को कुल 21,672 मत मिले, जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर 3,996 वोटों पर ही सिमट गए।
मतदान प्रतिशत में मामूली बदलाव, लेकिन हार-जीत की खाई हुई गहरी 2020 के मुकाबले इस चुनाव में मतदान प्रतिशत में कोई बड़ा अंतर देखने को नहीं मिला, लेकिन हार-जीत का फासला काफी बढ़ गया। 2020 में 1 दिसंबर को वोट डाले गए थे और 4 दिसंबर को परिणाम आए थे। उस चुनाव में बरेली-मुरादाबाद मंडल के 9 जिलों के कुल 36,703 मतदाताओं में से 26,803 ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था, जिसमें 1,290 वोट अवैध पाए गए थे और 25,513 मतों की गिनती हुई थी। तब डॉ. ढिल्लो को 12,827 वोट मिले थे। उस समय सपा समर्थित संजय मिश्रा को 4,864 वोट हासिल हुए थे, जो इस चुनाव में निर्दलीय लड़े और उन्हें महज 981 वोट मिले। 2020 में निर्दलीय के रूप में 723 वोट पाने वाले हाजी दानिश अख्तर इस बार सपा के सिंबल/समर्थन से लड़े, लेकिन मात्र 3,996 वोट ही जुटा सके।
रद्द मतों की संख्या में इजाफा, आठ प्रत्याशी नहीं पार कर पाए दहाई का आंकड़ा इस बार के चुनाव में बड़ी संख्या में वोट निरस्त हुए। वर्ष 2020 में जहां 1,290 मत खारिज हुए थे, वहीं इस चुनाव में निरस्त वोटों की संख्या बढ़कर 3,181 (सारिणी अनुसार) पहुंच गई। मैदान में ताल ठोक रहे कुल 17 प्रत्याशियों में से आठ उम्मीदवारों की स्थिति इतनी खराब रही कि वे दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए। इसके अलावा पांच प्रत्याशी अपने मतों को तीन अंकों (सैकड़ा) तक भी पहुंचाने में नाकाम रहे।
जीत के बाद बोले ढिल्लो: झूठे आरोपों को शिक्षकों ने नकारा, अब लागू कराएंगे एजुकेशन एक्टजीत का प्रमाण पत्र मिलने के बाद डॉ. हरी सिंह ढिल्लो ने सपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा प्रत्याशी की ओर से लगाए गए बूथ कैप्चरिंग और जानलेवा हमले के मनगढ़ंत आरोपों को प्रबुद्ध शिक्षक मतदाताओं ने अपने वोट से सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछले छह वर्षों में शिक्षकों के हित में किए गए कार्यों की बदौलत ही यह प्रचंड जनादेश मिला है। उन्होंने घोषणा की कि नए कार्यकाल में वे एजुकेशन एक्ट को लागू कराने के लिए पूरा जोर लगाएंगे और वित्तविहीन शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सपा प्रत्याशी हाजी दानिश अख्तर का आरोप: लोकतंत्र का गला घोंटा गया करारी शिकस्त के बाद समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हाजी दानिश अख्तर ने प्रशासनिक व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह चुनाव शिक्षकों के असल मुद्दों का था, लेकिन इसे शुरुआत से ही हाईजैक करने और लूटने की साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि हार-जीत चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है, मगर जिस तरह से नियमों को ताक पर रखकर मनमानी की गई, वह सीधे तौर पर लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा कदम है।
सुबह 8 बजे से शुरू हुआ बंडल बनाने का काम, शाम 4 बजे खुलीं मतपेटियां रिटर्निंग ऑफिसर शंभू कुमार के अनुसार, मतगणना की प्रक्रिया सुबह ठीक 8 बजे शुरू कराई गई। सबसे पहले मतपेटियों से मतपत्रों को बाहर निकालकर 50-50 के बंडल तैयार किए गए। यह छंटनी प्रक्रिया सुबह 8 बजे से दोपहर करीब 3 बजे तक अनवरत चली। इसके बाद शाम 4 बजे विधिवत मतगणना शुरू हो सकी। मतगणना हॉल में कुल आठ टेबलें लगाई गई थीं, जहां सभी प्रत्याशियों के अधिकृत एजेंट लगातार निगरानी करते रहे। देर रात 11:30 बजे सभी मतों की गिनती मुकम्मल होने के बाद आधिकारिक परिणाम की घोषणा की गई।
तीन स्तरीय सुरक्षा घेरे में हुई काउंटिंग, 100 मीटर पहले रोके गए समर्थक मतगणना केंद्र पर सुरक्षा के बेहद कड़े प्रबंध किए गए थे। समर्थकों और अनावश्यक भीड़ को मतगणना स्थल से 100 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया। मुख्य प्रवेश द्वार पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, जहां सघन जांच और पहचान पत्र देखने के बाद ही भीतर जाने की अनुमति दी गई। परिसर में प्रवेश करने से पहले भी मेटल डिटेक्टर और शारीरिक तलाशी की व्यवस्था रही। मतगणना की निगरानी बरेली और मुरादाबाद दोनों मंडलों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने खुद संभाली।
काउंटिंग के दौरान टेबल नंबर 7 पर तीखी नोकझोंक, पुलिस ने शांत कराया मामला जैसे-जैसे राउंड पूरे हो रहे थे, प्रत्याशियों और काउंटिंग एजेंटों की धड़कनें तेज होती गईं। चुनावी मैदान के 17 प्रत्याशियों में से केवल पांच उम्मीदवारों—भाजपा के डॉ. हरी सिंह ढिल्लो, सपा के हाजी दानिश अख्तर और निर्दलीय प्रत्याशी सुनीत गिरी, डॉ. राजेंद्र गंगवार व राजीव कुमार चौहान ने ही परिसर में अपने कैंप लगाए थे। दूसरे राउंड की गिनती के दौरान सपा एजेंटों ने गलत तरीके से मतों की गिनती करने का आरोप लगाकर टेबल नंबर 7 पर हंगामा शुरू कर दिया। विवाद बढ़ता देख पुलिस और चुनाव अधिकारी मौके पर पहुंचे और मतपत्रों को दोबारा खोलकर दिखाया, जिसके बाद एजेंट शांत हुए। टेबल नंबर 5 पर भी हल्की बहस हुई, लेकिन अधिकारियों की तत्परता से स्थिति संभल गई।
23 को हुआ था 73.69 फीसदी मतदान, कैमरों से रखी गई नजर बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन के लिए 23 अक्तूबर को 105 पोलिंग बूथों पर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ था। दोनों मंडलों के पंजीकृत 46 हजार से अधिक मतदाताओं में से 35,149 शिक्षकों यानी 73.69 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले थे। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हर टेबल पर वीडियो रिकॉर्डिंग कराई गई और पूरा हॉल सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहा। लाउडस्पीकर के जरिए हर राउंड की अधिकृत जानकारी लगातार सार्वजनिक की जाती रही।
वर्ष 2020 के चुनाव में प्रत्याशियों को मिले वोट
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मेहंदी हसन: 276
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संजय मिश्रा: 4,864
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हरी सिंह ढिल्लो: 12,827
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अभिषेक द्विवेदी: 04
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आशुतोष शर्मा: 213
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हाजी दानिश अख्तर: 723
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पियूष सिंह राठौर: 61
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पुष्पेंद्र कुमार: 04
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बाल कृष्ण मित्रा: 64
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डॉ. मेहताब अली: 54
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डॉ. राजेंद्र गंगवार: 1,162
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राम बाबू शास्त्री: 2,016
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डॉ. विनय खंडेलवाल: 705
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डॉ. सुनीत गिरी: 1,258
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सुभाष चंद्र शर्मा: 1,283
मतगणना सारिणी: राउंड-वार मतों का पूरा विवरण
| क्र. | प्रत्याशी का नाम | पहला राउंड | दूसरा राउंड | तीसरा राउंड | चौथा राउंड | पांचवां राउंड (अंतिम) |
| 1 | डॉ. हरी सिंह ढिल्लो | 5,251 | 10,222 | 14,990 | 19,538 | 21,672 |
| 2 | हाजी दानिश अख्तर | 816 | 1,677 | 2,542 | 3,753 | 3,996 |
| 3 | नरेश कुमार शर्मा | 46 | 48 | 94 | 105 | 113 |
| 4 | नाज रिजवी | 10 | 32 | 42 | 55 | 59 |
| 5 | नेत्रपाल | 9 | 18 | 27 | 29 | 31 |
| 6 | बहार आलम | 7 | 12 | 19 | 20 | 21 |
| 7 | रमेश चंद्र | 15 | 26 | 41 | 93 | 105 |
| 8 | राज कुमार सिंह | 5 | 25 | 30 | 43 | 44 |
| 9 | डॉ. राजीव कुमार | 107 | 228 | 335 | 394 | 481 |
| 10 | डॉ. राजेंद्र गंगवार | 140 | 582 | 722 | 1,338 | 1,573 |
| 11 | रेनू मिश्रा | 34 | 32 | 86 | 114 | 126 |
| 12 | रोहिल अल्ताफ | 0 | 5 | 5 | 8 | 9 |
| 13 | विद्युत कुमार | 3 | 6 | 12 | 12 | 12 |
| 14 | विमलेंद्र कुमार शर्मा | 84 | 330 | 414 | 560 | 601 |
| 15 | संजय कुमार मिश्रा | 210 | 387 | 597 | 888 | 981 |
| 16 | डॉ. सुनीत गिरी | 576 | 874 | 1,450 | 1,949 | 2,143 |
| 17 | हरेंद्र सिंह | 1 | 8 | 9 | 11 | 11 |
| 18 | अस्वीकृत मत | 686 | 1,497 | 2,183 | 2,879 | 3,181 |
(नोट: आधिकारिक निर्वाचन परिणाम एवं मतगणना रिपोर्ट के अनुसार)
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