
बिहार विधान परिषद चुनाव परिणामों में बड़ा सियासी फेरबदल देखने को मिला है। पटना स्नातक और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के घोषित नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पटना शिक्षक सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता और लगातार 30 वर्षों से जीत दर्ज करते आ रहे नवल किशोर यादव को शिकस्त देकर नया इतिहास रच दिया है। वहीं, पटना स्नातक सीट पर कड़े मुकाबले के बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मुख्य प्रवक्ता और उम्मीदवार नीरज कुमार ने अपनी सीट बरकरार रखते हुए शानदार जीत दर्ज की।
पटना शिक्षक सीट: 1,057 मतों से हारे BJP के नवल किशोर यादव, जनसुराज तीसरे पायदान पर पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला बेहद दिलचस्प और सीधा RJD और BJP के बीच रहा। RJD प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार ने कुल 4,487 वोट हासिल किए, जबकि बीजेपी के दिग्गज नेता नवल किशोर यादव को 3,430 वोटों से ही संतोष करना पड़ा। इस तरह डॉ. संजीव कुमार ने 1,057 वोटों के अंतर से ऐतिहासिक जीत हासिल की। प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज की ओर से चुनाव मैदान में उतरीं डॉ. दिव्या ज्योति तीसरे स्थान पर रहीं।
‘शिक्षकों के हित की लड़ाई जारी रहेगी’, RJD प्रत्याशी ने लगाए फर्जी वोटिंग के आरोप शानदार जीत के बाद डॉ. संजीव कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मुकाबला बेहद कड़ा था, लेकिन शिक्षकों ने उन पर जो भरोसा जताया है, वे उस पर खरा उतरते हुए सदन में उनके अधिकारों की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ेंगे। इसके साथ ही उन्होंने प्रतिद्वंद्वी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी प्रत्याशी को जो वोट मिले हैं, उनमें फर्जी मतदाताओं के जरिए डलवाए गए वोट भी शामिल हैं। शिक्षक सीट पर बीजेपी के इस तीन दशक पुराने गढ़ के ढहने से क्षेत्र के सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। इससे पहले बांकीपुर विधानसभा सीट पर भी बीजेपी को तीन दशकों के बाद हार का सामना करना पड़ा था।
पटना स्नातक सीट: बगावत और धनबल को पछाड़कर JDU के नीरज कुमार ने दर्ज की जीत पटना स्नातक निर्वाचन सीट पर जदयू के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार ने विरोधियों को मात देते हुए जीत का परचम लहराया। इस चुनाव में उन्हें अपनी ही पार्टी के भीतर से बगावत का सामना करना पड़ा था। मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह के समर्थन वाले जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह को नीरज कुमार ने करारी शिकस्त दी। उल्लेखनीय है कि पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ बगावत करने और विपक्षी प्रत्याशी को समर्थन देने के चलते जदयू ने मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
नीरज कुमार का बयान: धनबल-बाहुबल पर कार्यकर्ताओं के नैतिक बल की जीत जीत दर्ज करने के बाद जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह जीत बाहुबल और अकूत धनबल के खिलाफ जमीनी कार्यकर्ताओं के नैतिक बल की विजय है। कार्यकर्ता किसी भी दबाव या प्रलोभन के आगे नहीं झुके। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि प्रथम वरीयता की गिनती से ही एनडीए प्रत्याशी को निर्णायक बढ़त मिलनी शुरू हो गई थी, जिसने विरोधियों के दावों की हवा निकाल दी।
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