
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार की मंगलवार को हुई अहम कैबिनेट बैठक में जनता, कर्मचारियों, पशुपालकों और युवाओं के हित में कई दूरगामी फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में कुल 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इनमें राज्य के लाखों शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की शुरुआत और मैनपुरी में सैनिक स्कूल के विस्तार के लिए मुफ्त जमीन देने जैसे बड़े निर्णय शामिल हैं। कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने फैसलों का ब्योरा साझा किया।
पशुपालकों की बढ़ेगी आय, गायों के बीमा पर 85 फीसदी खर्च उठाएगी सरकार
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में सर्वाधिक पशुधन वाला राज्य है, लेकिन कम उत्पादन और कमजोर बाजार व्यवस्था यहां की बड़ी चुनौतियां रही हैं। किसानों की आय दोगुनी करने में पशुपालन सबसे सशक्त माध्यम बनेगा। इसी उद्देश्य से देश में पहली बार ‘स्टेट लाइव स्टॉक मिशन’ का गठन किया गया है। इस मिशन के तहत दुग्ध उत्पादन में इजाफा, बेहतर बाजार की उपलब्धता और उन्नत नस्ल सुधार को प्राथमिकता दी जाएगी। कृत्रिम गर्भाधान की आधुनिक तकनीक से गायों की दुग्ध उत्पादन क्षमता दोगुनी की जाएगी। इसके अलावा गरीब परिवारों को आजीविका संवारने के लिए 100-100 मुर्गी के चूजे मुफ्त वितरित किए जा रहे हैं। योजना के अंतर्गत गायों का बीमा कराया जाएगा, जिसमें 85 प्रतिशत प्रीमियम राशि सरकार भरेगी और केवल 15 प्रतिशत खर्च किसान को उठाना होगा। साथ ही गायों की खरीद पर 50 फीसदी तक की भारी सब्सिडी भी दी जाएगी।
कंपनियों के मर्जर और डी-मर्जर पर राहत, तय हुआ 0.50 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क
स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने व्यापारिक सुगमता को लेकर अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कंपनियों के विलय (मर्जर) और डी-मर्जर के आधिकारिक पंजीकरण के लिए पंजीयन विभाग में पारदर्शी व्यवस्था बनाई जा रही है। नई व्यवस्था के तहत कंपनी के कुल शेयर मूल्य पर मात्र 0.50 प्रतिशत का स्टाम्प शुल्क तय किया गया है। अब तक यह पंजीकरण केवल कंपनी सेक्रेटरी के स्तर पर होता था और स्पष्ट नीति के अभाव में विलय के दौरान कंपनी के पूरे मूल्यांकन पर भारी टैक्स लगने का खतरा बना रहता था। इस नए प्रस्ताव को अब विधानसभा से पारित कराकर केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
नावों और स्टीमरों का होगा अनिवार्य पंजीकरण, यात्रियों को मिलेगा बीमा कवर
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि जलमार्गों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कैबिनेट ने ‘उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली’ को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत राज्य में संचालित होने वाली नावों, स्टीमरों और अन्य जलयानों के संचालन एवं पंजीयन के स्पष्ट नियम लागू होंगे। यांत्रिक (मोटर चालित) और गैर-यांत्रिक (पारंपरिक) जलयानों का पंजीकरण शुल्क अलग-अलग तय किया गया है। 5 यात्रियों और 10 यात्रियों की क्षमता वाली नावों के लिए अलग स्लैब बनाए गए हैं, जबकि गैर-यांत्रिक नावों का रजिस्ट्रेशन मात्र 50 रुपये में किया जाएगा। नियमों के तहत जलयानों में सफर करने वाले यात्रियों के साथ-साथ नाविकों का बीमा कराना भी अनिवार्य किया गया है।
प्रयागराज में हाईकोर्ट अधिकारियों को 845 आवास, मैनपुरी सैनिक स्कूल को जमीन
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रयागराज में उच्च न्यायालय के क्लास वन और क्लास टू अधिकारियों की सुविधा के लिए 845 भव्य आवास तैयार किए जाएंगे। 543 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इन सरकारी आवासों का निर्माण ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड पर किया जाएगा। इसके अतिरिक्त रक्षा शिक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के विस्तार हेतु निशुल्क भूमि उपलब्ध कराएगी। वहीं सहकारिता विभाग के भंडारण ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से झांसी में 30 हजार मीट्रिक टन और ललितपुर में 38 हजार मीट्रिक टन क्षमता विस्तार के लिए जरूरी जमीन देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
ग्रेटर नोएडा में आकार लेगा देश का अत्याधुनिक रोबोटिक्स पार्क, आईआईटी कानपुर संभालेगा साइबर सुरक्षा
राज्य को आईटी और आधुनिक तकनीक का हब बनाने की दिशा में ग्रेटर नोएडा में ‘प्रगति रोबोटिक्स पार्क’ की स्थापना को हरी झंडी दी गई है। इसके लिए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की पहल पर सरकार मात्र एक रुपये की टोकन लीज पर जमीन आवंटित करेगी। इसके साथ ही डिजिटल सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए ‘उत्तर प्रदेश साइबर सिक्युरिटी ऑपरेशंस’ की कमान अगले तीन वर्षों के लिए आईआईटी कानपुर को सौंपी गई है। इस अत्याधुनिक सुरक्षा तंत्र के संचालन और नियमित मेंटेनेंस पर 104 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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