Saturday , 24 October 2026

यूपी विधानसभा चुनाव 2027: कांग्रेस ने सपा को सौंपी 172 सीटों की शुरुआती सूची, INDIA गठबंधन में सीट शेयरिंग पर मंथन तेज; जानें क्या है ‘A, B, C, D’ फॉर्मूला

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गलियारों में सियासी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी INDIA गठबंधन के तहत एक बार फिर साथ उतरने की तैयारी कर रहीं समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीटों के तालमेल को लेकर बातचीत शुरू हो चुकी है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेतृत्व ने करीब 172 विधानसभा क्षेत्रों की एक शुरुआती सूची समाजवादी पार्टी को सौंपी है। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 संसदीय सीटों में से 43 पर परचम लहराने वाले इस गठबंधन ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी थी, जिसमें सपा ने 37 और कांग्रेस ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अब उसी चुनावी सफलता को दोहराने के लिए दोनों दल विधानसभा स्तर पर सटीक फॉर्मूला तलाशने में जुट गए हैं।

‘A, B, C, D’ कैटेगरी में बंटी सीटें, कांग्रेस का सम्मानजनक हिस्सेदारी पर जोर कांग्रेस सूत्रों के अनुसार जमीनी फीडबैक और पार्टी कार्यकर्ताओं की राय के आधार पर तैयार की गई 172 सीटों की इस सूची को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। पार्टी का कहना है कि ‘A’ श्रेणी की सीटें लगभग गैर-परक्राम्य (नॉन-नेगोशिएबल) हैं, जिन पर कोई बदलाव संभव नहीं माना जा रहा है। वहीं ‘B’ कैटेगरी की सीटों पर आंशिक फेरबदल की गुंजाइश रखी गई है, जबकि ‘C’ और ‘D’ कैटेगरी की सीटों को पूरी तरह से आपसी बातचीत और समझ के लिए खुला रखा गया है। पार्टी के रणनीतिकारों का स्पष्ट कहना है कि वे किसी निश्चित आंकड़े पर अड़े नहीं हैं, बल्कि उनका मुख्य आग्रह एक सम्मानजनक हिस्सेदारी हासिल करना है। सूत्रों ने जोर देकर कहा कि अभी बातचीत के कई दौर बाकी हैं और दोनों दलों का अंतिम साझा लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) को शिकस्त देना है, जिसके लिए जरूरत पड़ने पर त्याग करने से भी पीछे नहीं हटा जाएगा।

प्रियंका गांधी वाड्रा के हाथ में कमान, ग्राउंड फीडबैक पर तैयार हुआ खाका रणनीतिक स्तर पर इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी खुद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा कर रही हैं। उन्होंने प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेताओं और प्रभारियों के साथ मैराथन बैठकें कर सीटों की विस्तृत मैपिंग करवाई है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से आए फीडबैक के आधार पर ही यह शुरुआती ड्राफ्ट तैयार किया गया है। हालांकि, इस शुरुआती खाके को अंतिम रूप देने और सीटों की असल संख्या तय करने के लिए दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच आगामी दिनों में कई दौर की औपचारिक और उच्चस्तरीय बातचीत आयोजित की जाएगी।

सपा का ‘विनिबिलिटी’ पर फोकस, 50-60 सीटों के फॉर्मूले पर चर्चा दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी का रुख सीटों की संख्या से अधिक प्रत्याशियों और सीट की ‘जीतने की क्षमता’ (विनिबिलिटी) पर टिका हुआ है। सपा सूत्रों का मानना है कि गठबंधन की मजबूती के लिए सिर्फ संख्या बल नहीं, बल्कि जमीनी पकड़ और जीत की गारंटी सबसे प्रमुख पैमाना होना चाहिए। पार्टी के कुछ सूत्रों का यह भी संकेत है कि सपा, कांग्रेस को लगभग 50 से 60 सीटें देने के पक्ष में है। ऐसे में कांग्रेस की 172 सीटों की शुरुआती मांग और सपा के 50-60 सीटों के रुख के बीच अंतिम सहमति किस आंकड़े पर बनेगी, इस पर राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें टिकी हुई हैं।

 

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