Wednesday , 21 October 2026

Italy Protest Law: इटली में हिंसक प्रदर्शन और लूटपाट पर मेलोनी सरकार का सख्त एक्शन, दंगाइयों को 5 साल की जेल; बच्चों की तोड़फोड़ पर माता-पिता भरेंगे हर्जाना

इटली में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, आगजनी और हिंसक प्रदर्शनों पर नकेल कसने के लिए प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने सख्त सुरक्षा कानूनों को हरी झंडी दे दी है। नए कानूनी प्रावधानों के तहत हिंसक गतिविधियों में शामिल उपद्रवियों को 5 साल तक की जेल की सजा काटनी पड़ सकती है। सरकार ने सबसे कड़ा रुख नाबालिगों के मामलों में अपनाया है; यदि कोई नाबालिग तोड़फोड़, आगजनी या लूटपाट में शामिल पाया जाता है, तो उससे हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई उसके माता-पिता की जेब से कराई जाएगी। यह कदम उत्तरी इटली के मिलान समेत कई बड़े शहरों में भड़की बेलगाम हिंसा, दुकानों में लूट और पुलिस पर हुए जानलेवा हमलों के बाद उठाया गया है।

‘चोरी और तोड़फोड़ विरोध प्रदर्शन नहीं, अपराध हैं’—पीएम मेलोनी का कड़ा रुख

नए कानून की रूपरेखा साझा करते हुए प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने साफ शब्दों में कहा कि दुकानों के शीशे तोड़ना, सामान लूटना और सार्वजनिक संपत्तियों को आग के हवाले करना किसी भी सूरत में लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन नहीं कहला सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी हरकतें विशुद्ध रूप से अपराध हैं और इनसे सख्ती से निपटा जाएगा। नए नियमों के मुताबिक, यदि पांच या उससे अधिक लोगों का समूह विरोध प्रदर्शन की आड़ में सार्वजनिक व्यवस्था या सुरक्षा को खतरे में डालता है, तो दोषियों को पांच साल तक की कैद और 20 हजार यूरो तक का भारी-भरकम जुर्माना भुगतना होगा। इसके अलावा, पहचान छिपाने के लिए चेहरा ढककर हिंसा करने या किसी नागरिक व सुरक्षाकर्मी को चोट पहुंचाने पर सजा की अवधि और अधिक बढ़ाई जा सकेगी।

नाबालिगों की करतूतों पर माता-पिता से होगी तत्काल वसूली, पुलिस को मिले विशेष अधिकार

कानून का सबसे प्रभावी और चर्चित पहलू किशोरों की जवाबदेही से जुड़ा है। अब नाबालिगों द्वारा की गई किसी भी तोड़फोड़ या आर्थिक क्षति के लिए उनके माता-पिता सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे नुकसान की भरपाई के लिए अभिभावकों के खिलाफ तुरंत वित्तीय वसूली के आदेश जारी कर सकते हैं। इसके साथ ही, निवारक कार्रवाई के तहत पुलिस को 14 से 17 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे किशोरों को भी एहतियातन हिरासत में लेने की शक्ति दी गई है, जिनके किसी गंभीर हिंसा या असामाजिक गतिविधि में लिप्त होने के पुख्ता इनपुट या सबूत मौजूद हों, भले ही उन्होंने उस समय कोई अपराध न किया हो।

मिलान में 500 सैनिकों की होगी तैनाती, संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी

शहरों में दोबारा हिंसा और उपद्रव की आशंका को खत्म करने के लिए सरकार ने मिलान में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2026 के अंत तक सेना के 500 अतिरिक्त जवानों को तैनात करने का फैसला किया है। ये सैनिक पुलिस बलों के साथ समन्वय बनाकर संवेदनशील प्रतिष्ठानों, बाजारों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा व 24 घंटे निगरानी का जिम्मा संभालेंगे। हालांकि, मेलोनी प्रशासन के इस फैसले को लेकर राजनीतिक गलियारों में विरोध के सुर भी उठ रहे हैं। आलोचकों और मानवाधिकार पैरोकारों का तर्क है कि कठोर कानूनी सजाएं लागू करने से युवाओं के बीच पनप रहे असंतोष, बेरोजगारी और सामाजिक-आर्थिक संकट का स्थायी समाधान नहीं निकाला जा सकता। इस बीच, दक्षिणी इटली के कई हिस्सों में बढ़ती महंगाई और डीजल के आसमान छूते दामों के खिलाफ ट्रक चालकों की व्यापक हड़ताल ने सप्लाई चेन व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, जिससे सरकार की चुनौतियां और बढ़ गई हैं।

 

Check Also

Tiger Shroff Firing Case: कोटा से मुंबई पहुंचे तीनों मुख्य शूटर, दिल्ली में हथियार सप्लायर समेत 4 गिरफ्तार; आज कोर्ट में होगी पेशी

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए जानलेवा हमले की जांच में पुलिस ने अपनी कार्रवाई …