
राजधानी दिल्ली में राजनीतिक और सामाजिक हलकों के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके के एक ताजा बयान ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है। दीपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर सार्वजनिक तौर पर दावा किया है कि भले ही आम लोग उन्हें इस पूरे आंदोलन का मुख्य चेहरा मानते हों, लेकिन जमीनी स्तर पर आंदोलन की असली बागडोर सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास के हाथों में रही है। इस चौंकाने वाले कबूलनामे के फौरन बाद दोनों युवा नेताओं की कानूनी मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं, क्योंकि उनके खिलाफ दर्ज दोनों मुकदमों की जांच अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई है।
कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर केस की जांच अब क्राइम ब्रांच के हवाले
सूत्रों के अनुसार, आशुतोष रांका और सौरव दास के खिलाफ दर्ज मामलों की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस से जांच वापस लेकर क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। ये दोनों प्राथमिकियां दिल्ली के प्रमुख स्थानों—कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी हैं। कनॉट प्लेस थाने में ‘बिना पूर्व अनुमति सार्वजनिक स्थान पर अनधिकृत प्रवेश’ के आरोप में दर्ज मुकदमे को पहले ही क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया था। अब जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन से संबंधित दूसरी एफआईआर भी क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम के हवाले कर दी गई है, जिससे दोनों नेताओं के इर्द-गिर्द कानूनी शिकंजा कसता दिख रहा है।
‘मैं सिर्फ निर्देश मानता हूं’—16 मिनट के वीडियो पर भड़का सोशल मीडिया
दीपके द्वारा साझा किए गए करीब 16 मिनट लंबे वीडियो ने सोशल मीडिया पर तीव्र प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है। वीडियो में उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब तक हुए आंदोलनों का पूरा रोडमैप और रणनीतिक खाका तैयार करने में आशुतोष रांका और सौरव दास का ही मुख्य योगदान रहा है। दीपके ने खुद को इस मोर्चे का वास्तविक अगुआ मानने से इनकार करते हुए कहा कि वे केवल निर्देशों का पालन कर रहे थे और असली कमान इन दोनों साथियों के पास ही थी। इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंट गए। कई आलोचकों ने आरोप लगाया कि कानूनी कार्रवाई और क्राइम ब्रांच की जांच से खुद को सुरक्षित रखने के लिए दीपके अपने ही प्रमुख साथियों को आगे कर रहे हैं और सारा दायित्व उन पर डाल रहे हैं।
आलोचनाओं के बाद आधी रात को दूसरा वीडियो, दीपके ने दी सफाई
इंटरनेट पर ‘बलि का बकरा’ बनाने जैसे आरोपों से घिरने के बाद अभिजीत दीपके ने देर रात माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X पर एक और वीडियो पोस्ट कर अपनी स्थिति स्पष्ट की। दीपके ने कहा कि सौरव और आशुतोष निर्णय लेने की क्षमता, बौद्धिक तीक्ष्णता और रणनीतिक समझ में उनसे कहीं अधिक प्रतिभाशाली हैं। उन्होंने कहा कि उनके संगठन में किसी प्रकार की तानाशाही या अहंकारी सोच के लिए कोई स्थान नहीं है और यदि कोई सहयोगी उनसे बेहतर कार्यक्षमता रखता है, तो उसे स्वीकार करने में उन्हें कोई संकोच या असुरक्षा नहीं होती। दीपके ने दोनों को खुद से बेहतर नेता और इंसान करार देते हुए अपनी निष्ठा दोहराई। फिलहाल, क्राइम ब्रांच की सक्रियता और पार्टी के आंतरिक शक्ति संतुलन के बीच राजधानी का सियासी तापमान चढ़ा हुआ है।
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