Sunday , 18 October 2026

ग्वालियर में नवरात्रि पर भीषण त्रासदी: शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को धान लदे ट्रक ने रौंदा, 13 की मौत, 26 घायल; दो पुलिसकर्मी भी चपेट में

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शारदीय नवरात्रि की आस्था और उल्लास के बीच देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा पेश आया। शीतला माता मंदिर दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के जत्थे को धान से भरे एक अनियंत्रित ट्रक ने बुरी तरह रौंद दिया। हादसे की चपेट में आने से 13 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 26 अन्य लोग घायल हो गए। आनन-फानन में कुल 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया था, जहां डॉक्टरों ने 13 को मृत घोषित कर दिया। घायलों में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।

प्रतिबंधित मार्ग पर बैरिकेड तोड़कर ढलान से नीचे दौड़ा बेकाबू ट्रक

ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार, यह भयानक हादसा देर रात करीब 1:30 बजे हुआ। छिनोर की दिशा से शीतला माता मंदिर की ओर आने वाले मार्ग पर तीव्र ढलान है और नवरात्रि मेले के चलते इस रास्ते पर भारी व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित था। रात में पुलिसकर्मियों ने धान से लदे एक भारी ट्रक को जांच के लिए रोका था। इसी दौरान ट्रक चालक ने पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए और वाहन अनियंत्रित होकर ढलान पर तेजी से नीचे की ओर दौड़ पड़ा। बेकाबू ट्रक सीधे मंदिर की बाहरी चारदीवारी और मुख्य प्रवेश द्वार से जा टकराया। उस वक्त सड़क किनारे पैदल चल रहे दर्जनों श्रद्धालु सीधे ट्रक के पहियों के नीचे दब गए।

39 लोग पहुंचे अस्पताल, गंभीर घायलों का कराया जा रहा सीटी स्कैन

एसएसपी ने जानकारी दी कि घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव अभियान चलाकर कुल 39 लोगों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से 13 लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि 5 से 6 श्रद्धालुओं की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है और उनके अंगों में गंभीर फ्रैक्चर आए हैं। शेष लोगों को मामूली चोटें आई हैं, जिनका प्राथमिक उपचार जारी है। मौके पर मुस्तैदी से फर्ज निभा रहे दो घायल पुलिस जवानों का भी अस्पताल में विशेष इलाज चल रहा है।

प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, कलेक्टर ने दिए उच्चस्तरीय तकनीकी जांच के आदेश

ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि देर रात करीब 1:30 बजे जैसे ही ट्रक के बेकाबू होने की सूचना मिली, तत्काल प्रभाव से कई एंबुलेंस और राहत दल मौके पर रवाना किए गए। अस्पताल में भर्ती सभी घायलों की चोटों की गंभीरता का सटीक आकलन करने के लिए सीटी स्कैन और एक्स-रे जैसी आवश्यक जांचें कराई जा रही हैं ताकि त्वरित और सटीक उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

आरटीओ टीम करेगी जांच: ब्रेक फेल हुआ या मानवीय चूक?

कलेक्टर रुचिका चौहान ने सुरक्षा प्रबंधों पर बात करते हुए स्पष्ट किया कि नवरात्रि पर्व के मद्देनजर मार्ग पर जगह-जगह मजबूत बैरियर और पुलिस चेकपॉइंट स्थापित किए गए थे। ऐसे में प्रतिबंधित क्षेत्र में भारी वाहन बैरिकेड तोड़कर मंदिर परिसर के इतने करीब कैसे पहुंच गया, इसकी गहन पड़ताल की जा रही है। वाहन की तकनीकी जांच के लिए आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) के विशेषज्ञों का एक दल मौके पर भेजा गया है। यह दल पड़ताल करेगा कि क्या ट्रक का ब्रेक फेल हुआ था, कोई अन्य यांत्रिक खराबी आई थी या फिर चालक की लापरवाही के कारण ट्रक मुड़ते वक्त पूरी तरह नियंत्रण खो बैठा। प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था और हादसे के तमाम पहलुओं की समग्रता से जांच कर रहा है।

 

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