Wednesday , 21 October 2026

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: पुणे में आमने-सामने आए शिंदे और बीजेपी! निर्दलीय सचिन सानप को शिवसेना का खुला समर्थन, महायुति में हलचल तेज

पुणे ब्यूरो. महाराष्ट्र की राजनीति में विधान परिषद चुनाव से ठीक पहले बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल रहा है। पुणे में एक नवरात्रि कार्यक्रम के दौरान राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बड़ा ऐलान करते हुए पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार सचिन सानप को शिवसेना का खुला समर्थन देने की घोषणा कर दी है। सानप राज्य सरकार के मंत्री उदय सामंत के ओएसडी (Officer on Special Duty) हैं। कई दिनों से जारी सियासी सस्पेंस को खत्म करते हुए शिंदे द्वारा लिए गए इस फैसले ने गठबंधन की सहयोगी भारतीय जनता पार्टी की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि यहां मुख्य मुकाबला सीधे तौर पर बीजेपी उम्मीदवार कौस्तुभ गावडे और सचिन सानप के बीच तय माना जा रहा है।

कल से सानप के लिए मैदान में उतरेगी शिंदे सेना

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के इस ऐलान के बाद शिवसेना (शिंदे गुट) कल से ही सचिन सानप के पक्ष में पूरी ताकत झोंकने जा रही है। पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी आधिकारिक तौर पर सानप के चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे। राजनीतिक गलियारों में इस कदम को सीएम देवेंद्र फडणवीस के हालिया रवैये से उपजी नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। बीजेपी प्रत्याशी के खिलाफ एक निर्दलीय चेहरे को सीधे समर्थन देकर शिंदे गुट ने महायुति के भीतर एक नया सियासी समीकरण खड़ा कर दिया है, जिसे गठबंधन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

23 अक्टूबर को मतदान, 27 अक्टूबर को आएंगे नतीजे

गठबंधन के भीतर खींचतान की खबरों के बीच उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि सत्ताधारी महायुति विधान परिषद चुनाव की सभी पांच सीटों पर शानदार जीत दर्ज करेगी। उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि कुछ विशिष्ट सीटों को छोड़कर पूरा गठबंधन एकजुट होकर यह चुनाव लड़ रहा है। निर्वाचन आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार, पुणे स्नातक, नागपुर स्नातक, छत्रपति संभाजीनगर स्नातक, पुणे शिक्षक और अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। इन चुनावों में संबंधित क्षेत्रों के पंजीकृत स्नातक और शिक्षक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

सूखे और राहत राशि पर विपक्ष के दोहरे रवैये पर शिंदे का तीखा प्रहार

सूखे के हालात और किसानों को दी जा रही सरकारी मदद पर विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए एकनाथ शिंदे ने विरोधी दलों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास सरकार के हर सकारात्मक कदम पर राजनीति करने के अलावा कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। शिंदे ने तंज कसते हुए कहा कि पहले विपक्ष लगातार सूखा घोषित करने की मांग कर रहा था, और अब जब सरकार ने औपचारिक रूप से सूखा घोषित कर किसानों को 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता देने का संवेदनशील निर्णय लिया, तो वे इस पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि संकट की इस घड़ी में दलों को राजनीति छोड़कर अन्नदाताओं के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।

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