
अयोध्या ब्यूरो। रामनगरी अयोध्या स्थित भव्य राम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा कदम उठाया है। ट्रस्ट ने मंदिर परिसर में तैनात सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए पुलिस सत्यापन (पुलिस वेरिफिकेशन) और पुलिस चरित्र प्रमाणपत्र (कैरेक्टर सर्टिफिकेट) अनिवार्य कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को न केवल अपनी बल्कि अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और अन्य आवश्यक व्यक्तिगत जानकारियों का पूरा विवरण मंदिर प्रशासन को सौंपना होगा।
मंदिर प्रशासन से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, इस कड़े कदम का मुख्य उद्देश्य मंदिर की सुरक्षा, आंतरिक अनुशासन और व्यवस्थाओं को त्रुटिहीन बनाना है। कर्मचारियों के बैकग्राउंड, आपराधिक इतिहास और पारिवारिक पृष्ठभूमि की सघन जांच के लिए यह विशेष अभियान शुरू किया गया है।
नए सीईओ एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में सख्त अभियान
यह संपूर्ण सत्यापन अभियान पिछले महीने मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पदभार संभालने वाले सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के कुशल नेतृत्व में चलाया जा रहा है। प्रशासनिक अनुशासन और त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वे स्वयं इन प्रक्रियाओं की निगरानी कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों से संबंधित हर डेटा को डिजिटल रिकॉर्ड में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि मंदिर के संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर्मियों की विश्वसनीयता पर कोई संदेह न रहे।
चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट ने उठाया कड़ा कदम
सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने की यह कवायद जून माह में मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी के खुलासे के बाद और तेज हुई है। उस प्रकरण में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने हाल ही में इस मामले में अदालत में लगभग 70 हजार पन्नों का व्यापक आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया है। इस घटना से सबक लेते हुए ट्रस्ट अब कर्मचारियों की नियुक्ति और उनकी निरंतर निगरानी के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपना रहा है।
ट्रस्ट का भरोसा: सुचारू दर्शन और पारदर्शी दान व्यवस्था
सुरक्षा नियमों में सख्ती के बीच मंदिर में दर्शन और अनुष्ठान पूरी श्रद्धा के साथ संचालित हो रहे हैं। ट्रस्ट के प्रमुख सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट द्वारा लिए जाने वाले सभी सुरक्षात्मक और सुधारात्मक निर्णय मंदिर की पवित्रता और जनहित में हैं, जिन्हें सभी सहर्ष स्वीकार कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मंदिर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु सुगमता से दर्शन और आरती का लाभ ले रहे हैं। दान और चढ़ावे की व्यवस्था पूरी पारदर्शिता के साथ सुचारू रूप से संचालित है। इस नए सत्यापन अभियान से मंदिर परिसर में तैनात अमले की विश्वसनीयता और मजबूत होगी, जिससे किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या सुरक्षा चूक की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
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